भावनगर के समीप स्थित एक कॉम्प्लेक्स में आग लग गई. बताया जा रहा है कि जिस कॉम्प्लेक्स में आग लगी है, उसमें 3-4 अस्पताल बने हैं. आग की चपेट में कई अस्पताल आ गए. यहां भर्ती मरीजों को तुरंत रेस्क्यू किया गया. सूत्रों के मुताबिक, 15 से 20 बच्चों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया. अस्पताल में भर्ती बच्चों और अन्य मरीजों को कांच तोड़कर बाहर निकालना पड़ा.

सभी मरीजों को तत्काल रूप से सर टी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया. फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया है और राहत की बात यह है कि किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई. सूचना मिलते ही मौके पर पांच फायर टेंडर और 50 कर्मी पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गए. आग इतनी ज्यादा फैल चुकी थी कि उसे बुझाने में एक घंटे का समय लग गया. 

आसपास के लोगों ने खिड़की तोड़कर बच्चों को बाहर निकाला

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की पहली मंजिल पर बने अस्पताल में करीब 20 बच्चे भर्ती थे. आग लगी देख फायर डिपार्टमेंट को तुरंत सूचित किया गया, लेकिन लोगों ने उनके आने का इंतजार नहीं किया. स्थानीय लोगों ने तुरंत खिड़की पर सीढ़ी लगाकर, बच्चों को चादर में लपेट कर एक-एक कर बाहर निकालना शुरू कर दिया. इन लोगों की सतर्कता और सूझबूझ से बच्चों की जान बचाई जा सकी. 

जानकारी के अनुसार, जिस बिल्डिंग में आग लगी है वह भावनगर का 'समीप कॉमप्लेक्स' है. इसमें कई ऑफिस, बच्चों के अस्पताल समेत कई हॉस्पिटल बने हैं. इमारत में आग लगते ही धुएं का का जबरदस्त गुबार उठने लगा. आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की टीमें सतर्क हो गईं और तुरंत मौके पर पहुंचीं. लोगों और प्रशासन की सूझबूझ से इमारत में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. 

बिल्डिंग के बेसमेंट में लगी थी आग

करीब एक घंटे की मेहनत-मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया. अब सवाल उठता है कि इतनी भीड़भाड़ा वाले कॉम्प्लेक्स में बच्चों का अस्पताल होना और एक ही बिल्डिंग में कई अस्पताल होना, यह कहां तक सही है? आग बिल्डिंग के बेसमेंट में लगी थी. इस बेसमेंट का इस्तेमाल पार्किंग के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन इसका यूज किसी और चीज के लिए हो रहा है. 

अभी यह पता लगाया जा रहा है कि आग की वजह क्या थी. यह किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है कि इतनी विकराल आग में किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ है.