भावनगर में नकली शराब पीने की घटना से बड़ा हंगामा मच गया है. शराब पीने से 22 लोगों की हालत खराब है, जिनमें से 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 18 लोगों का अभी भी अस्पताल में इलाज जारी है. इस बीच भावनगर में स्थित एक घर से पुलिस को एक और व्यक्ति का शव मिला है.

Continues below advertisement

मृतक टीचर की पहचान हितेशभाई परमार के तौर पर हुई है, जो सीहोर तालुका के सोनगढ़ गांव के एक सरकारी स्कूल में काम करते थे. आशंका जताई जा रही है कि टीचर की मौत के पीछे का कारण जहरीली शराब का सेवन करना है. 

माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट को 48 घंटे साप्ताहिक कार्य सीमा के साथ 12 घंटे की शिफ्ट की मंजूरी

Continues below advertisement

टीचर जमीन पर मृत पाए गए

दअसल, पुलिस को सिहोर तालुका के सोनगढ़ गांव के एक सरकारी स्कूल में टीचर के तौर पर काम करने वाले हितेशभाई परमार की लाश उनके घर में संदिग्ध हालत में मिली है. शहर के गांधी कॉलोनी के सामने गिल्बर्ट अपार्टमेंट की पहली मंजिल से टीचर का शव बरामद किया गया है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस और मीडिया के घर पहुंचने पर सरकारी टीचर जमीन पर मृत पाए गए. पुलिस को जांच के दौरान घर के किचन में रॉयल स्टैग की आधी बोतल भी मिली है.

क्या शराब के कारण गई टीचर की जान?

शराब की बोतल मिलने से आशंका जताई जा रही है कि टीचर की मौत का कारण भी नकली शराब का सेवन ही है. हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. घर में संदिग्ध और सड़ी-गली हालत में लाश मिलने के बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. मौत शराब पीने से हुई या नहीं, यह पोस्टमार्टम के बाद आधिकारिक तौर पर पता चलेगा.

अहमदाबाद से लाया गया था कच्चा माल

पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस जहरीली शराब को बनाने के लिए कच्चा माल अहमदाबाद से लाया गया था. मेथनॉल, विदेशी शराब की खाली बोतलें, बोतल के ढक्कन और दूसरा सामान अहमदाबाद के सरखेज समेत अलग-अलग इलाकों से ट्रांसपोर्ट के जरिए भावनगर लाया गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक 'डॉक्टर' के नाम से मशहूर नरेंद्र सिंह यादव ने इस केमिकल मिक्सचर से जहरीली शराब तैयार की थी. 17 अगस्त को नरेंद्र सिंह ने खुद बनाई यह शराब पी ली, जिससे उनकी तबीयत बहुत बिगड़ गई और 18 अगस्त को उनकी मौत हो गई. हालांकि, पुलिस की जांच के बाद ही नरेंद्र सिंह की मौत के पीछे का वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. 

अब तक 4 तस्कर गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अब तक 4 शराब तस्करों को गिरफ्तार किया है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुट गई है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गौतम सोलंकी नाम का आरोपी मध्य प्रदेश के उज्जैन से रॉयल स्टैग ब्रांड की शराब लेकर आया था. आरोप है कि शराब में मिथेनॉल मिलाकर इसे लोगों को बेचा गया. हालांकि, सवाल उठ रहे हैं कि राज्य में शराब पर पांबदी के बावजूद पुलिस की नाक के नीचे कैसे शराब बेची जा रही है.

इस कांड के बाद पुलिस कुंभकर्ण की नींद से जाग गई है और अब शराब के अड्डों पर रेड करने की तैयारी में हा. इसके साथ ही पुलिस को हेडक्वार्टर को रोजाना रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पहले ये कार्रवाई क्यों नहीं की गई. 

भावनगर में जहरीली शराब पीने से 4 की मौत, 18 अस्पताल में भर्ती