Gujarat News: गुजरात की राजनीति में एक बड़ा और साफ़ बदलाव दिखाई देने लगा है. तीन दशक से जिस राज्य में बीजेपी का दबदबा बना हुआ है, वहां अब आम आदमी पार्टी तेज़ी से एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है. WeePreside और CIF से किए गए “Pulse of Gujarat 2026” सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि गुजरात की राजनीति अब बीजेपी बनाम आम आदमी पार्टी की दिशा में बढ़ रही है, जबकि कांग्रेस लगातार कमजोर होती जा रही है.

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सर्वे के मुताबिक गुजरात में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर 24.8 प्रतिशत तक पहुंच गया है. वहीं कांग्रेस का वोट शेयर गिरकर 17.3 प्रतिशत रह गया है. यानी आम आदमी पार्टी अब कांग्रेस को पीछे छोड़कर गुजरात की दूसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है. बीजेपी अभी भी करीब 49.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ आगे है, लेकिन अब उसे सीधी चुनौती कांग्रेस की बजाय आम आदमी पार्टी से मिलती हुई दिख रही है.

2022 में कांग्रेस को मिले 27 प्रतिशत वोट

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अगर 2022 के विधानसभा चुनाव से तुलना की जाए तो बदलाव और स्पष्ट हो जाता है. 2022 में कांग्रेस को लगभग 27 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2017 के 40 प्रतिशत के मुकाबले पहले ही काफी बड़ी गिरावट थी. अब तीन साल बाद स्थिति यह है कि कांग्रेस का वोट शेयर करीब 10 प्रतिशत और गिर गया है. आम आदमी पार्टी 2022 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ते हुए करीब 13 प्रतिशत वोट शेयर तक पहुंची थी. तीन साल में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर लगभग दोगुना हो चुका है. यह साफ़ संकेत है कि कांग्रेस का पारंपरिक वोट अब बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी की ओर शिफ्ट हो रहा है.

क्षेत्रीय आंकड़े भी यही कहानी कहते हैं. सौराष्ट्र कच्छ जैसे इलाकों में, जहां बीजेपी को कुछ नुकसान की आशंका जताई जा रही है, वहां आम आदमी पार्टी तेज़ी से अपनी पकड़ बना रही है. उत्तर और मध्य गुजरात में बीजेपी अब भी आगे है, लेकिन शहरी और मेट्रो इलाकों में आम आदमी पार्टी को कांग्रेस से कहीं ज़्यादा समर्थन मिल रहा है. शहरी गुजरात में AAP को अब दूसरी पसंद नहीं, बल्कि सीधी चुनौती देने वाली पार्टी के रूप में देखा जा रहा है.

जानें अरविंद केजरीवाल ने क्या कहा?

इसी बदले हुए माहौल के बीच अहमदाबाद में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का बड़ा सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब गुजरात की जनता के मन से डर निकल चुका है. अरविंद केजरीवाल ने साफ़ कहा कि 2027 में गुजरात में सत्ता बदलने वाली है और आम आदमी पार्टी सत्ता परिवर्तन करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर और लोगों को जेल में डाला गया तो उससे डरने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह लड़ाई अन्याय के खिलाफ़ है और जनता इसका जवाब देगी.

तीन साल की सरकार के बाद जनता का मूड अब बदलता दिख रहा है. कैबिनेट के सामूहिक इस्तीफों, बेरोज़गारी, महंगाई और प्रशासन से जुड़े सवालों के बीच लोग यह सोचने लगे हैं कि भरोसा किस पर किया जाए. WeePreside और CIF का यह सर्वे बताता है कि बीजेपी अभी आगे ज़रूर है, लेकिन उसका मुकाबला अब कमजोर होती कांग्रेस से नहीं, बल्कि तेज़ी से मजबूत होती आम आदमी पार्टी से है. 2027 के विधानसभा चुनाव की बुनियाद अब यहीं से पड़ती नज़र आ रही.