दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुई नारेबाजी पर उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा, "मुझे जानकारी मिली है कि उमर और शरजील को मिली जमानत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ था. उन्होंने नारे लगाए, लेकिन कोई बयान जारी नहीं किया, जो एक अलग बात है. हालांकि, उनका गुस्सा या विरोध उस तरह का नहीं था."
कासिम रसूल ने कहा, "असल में अब एक चलन शुरू हो गया है कि अगर कोई विरोध करता है या नारे लगाता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट तैयार कर दी जाती है, जबकि बलात्कारियों या दोषी अपराधियों को जमानत मिल जाती है."
'उमर को बेल न मिलना राजनीतिक साजिश का हिस्सा'- पिता
उमर खालिद के पिता ने आरोप लगाया कि सबूतों की कमी और उमर खालिद के दंगों के दौरान वहां मौजूद न होने के बावजूद, उसे और अन्य लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया गया, जबकि उसी एफआईआर में कुछ अन्य आरोपियों को जमानत दे दी गई. उन्होंने इसे राजनीतिक निशाना बताया.
'कन्हैया कुमार और उमर खालिद साथ में थे आरोपी'- पिता
उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा, "कन्हैया कुमार फिलहाल एक राजनेता हैं और पार्टी से जुड़े होने के कारण उन पर कई राजनीतिक दबाव हैं. ऐसा लगता है कि वे उमर खालिद के मुद्दे पर सवाल उठाने से ज्यादा अपने राजनीतिक हितों को महत्वपूर्ण मानते हैं.
उन्होंने आगे कहा, "यह स्पष्ट है कि कन्हैया कुमार और उमर खालिद जेएनयू में सहपाठी थे और 2016 की एफआईआर में दोनों को आरोपी बनाया गया था. इसके बावजूद कन्हैया कुमार इस पूरे मामले से खुद को दूर रख रहे हैं. यह काफी अजीब लगता है, लेकिन उनकी राजनीतिक मजबूरियां उनके पैरों में बेड़ियां बन गई हैं और इसके बारे में कुछ खास नहीं किया जा सकता."