नीट पेपर लीक मामले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है. अब इस पर भारतीय जनता पार्टी की नेता और राज्यसभा सांसद स्वाति मालिवाल ने बड़ा जबुानी हमला बोला है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक बयान में उन्होंने कहा है कि इस मुददे पर सियासत नहीं होनी चाहिए.

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मालिवाल ने लिखा-  मैं संसदीय शिक्षा समिति का हिस्सा हूं और पिछले कई दिनों से देख रही हूं कि समिति के अध्यक्ष होने के बावजूद दिग्विजय सिंह NEET और CBSE के मुद्दे पर जमकर राजनीति कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि शिक्षा समिति पिछले कई दिनों से सकारात्मक रूप से NEET और CBSE के मुद्दे पर काम करने की कोशिश कर रही है. केंद्र सरकार छात्रों के हित में हर संभव प्रयास कर रही है. पेपर लीक के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने तत्काल CBI को जांच सौंपी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया! उन्हें सख्त से सख्त सज़ा दिलाने की प्रक्रिया चल रही है. संसद में आज तक का सबसे कड़ा एंटी-पेपर लीक कानून भी पारित कराया गया है. सिस्टम में कोई कमी न रहे, इसलिए एयर फोर्स तक को ज़िम्मेदारी दी गई है. केंद्र सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है. पेपर लीक के प्रति सरकार की नीति ‘ZERO TOLERANCE’ की है.

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'छात्रों और अभिभावकों के मन में डर और भ्रम पैदा करने की कोशिश'

बीजेपी नेता ने कहा कि लेकिन बहुत दुख की बात है कि समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तथा कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर केवल राजनीति करना चाहते हैं. उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नहीं, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के मन में डर और भ्रम पैदा करना है.

राज्यसभा सांसद ने कहा कि  कांग्रेस के समय कितने पेपर लीक हुए ये बात दिग्विजय सिंह अच्छे से जानते है! इस संवेदनशील मुद्दे पर भाजपा के किसी भी सदस्य ने राजनीति या Whataboutery नहीं की है. संसद के कानून का पालन करते हुए समिति के अन्य किसी भी सांसद सदस्य ने भी मीडिया में जाकर इस विषय पर कुछ नहीं बोला है.

'हमारे सामने पीएम की प्रशंसा और...'

उन्होंने कहा कि पर दिग्विजय सिंह एक ओर तो हम सब के सामने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हैं और कहते हैं कि उन्हें मोदी जी पर पूरा विश्वास है, और दूसरी ओर  वो ही समिति के नियमों और परंपराओं की अनदेखी करते हुए लगातार मीडिया में बयानबाज़ी और राजनीतिक स्टंट कर रहे हैं!

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मालिवाल ने लिखा कि इतने वरिष्ठ नेता होने के नाते दिग्विजय सिंह को अपने लीडर को खुश करने के लिए यह दोहरापन नहीं दिखाना चाहिए. अपनी राजनीति के लिए बच्चों के भविष्य से नहीं खेलना चाहिए. पीएम नरेंद्र मोदी छात्रों के हित में मजबूती से खड़े हैं. कांग्रेस को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह छात्रों के साथ है या केवल राजनीति करना चाहती है.