आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण दिए जाने के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने भाजपा की नीतियों और दावों पर सवाल उठाते हुए केंद्र से स्पष्टीकरण की मांग की है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि साल 2009 से 2024 तक जब शेख हसीना सत्ता में थीं, तब भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार उन पर भारत में लाखों घुसपैठिए भेजने का आरोप लगाती रही है. उन्होंने सवाल किया कि यदि भाजपा के अनुसार उन्हीं के कार्यकाल में घुसपैठ हुई, तो आज सरकार उन्हें संरक्षण क्यों दे रही है?
'बिरयानी' वाले तंज के साथ उठाए सवाल
सौरभ भारद्वाज ने अपने बयान में तंज कसते हुए पूछा कि मोदी सरकार एक बांग्लादेशी पूर्व प्रधानमंत्री को आखिर शरण क्यों दे रही है और उन्हें सरकारी मेहमान की तरह 'बिरयानी' क्यों खिलाई जा रही है? उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि अब समय आ गया है कि शेख हसीना को भारत से वापस भेजने पर विचार किया जाए.
बीजेपी की दोहरी नीति पर प्रहार
आम आदमी पार्टी के नेता ने इसे केंद्र सरकार की दोहरी नीति करार दिया. उन्होंने संकेत दिया कि एक तरफ घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीति की जाती है और दूसरी तरफ उसी शासन के प्रमुख को भारत में सुरक्षित स्थान दिया गया है, जो भाजपा के अपने पिछले दावों के विपरीत है.