नए साल की दस्तक से ठीक पहले देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर खौफनाक वारदातों की गवाह बनी. एक ही रात में शहर के 4 अलग-अलग इलाकों में चार लोगों की हत्या ने कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है. आपसी विवाद, लूटपाट और पुरानी रंजिश से जुड़ी इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी बेखौफ हैं और पुलिस की गश्त व खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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मंगोलपुरी में मामूली विवाद बना जानलेवा

मंगोलपुरी इलाके में गुरुवार (1 जनवरी) देर रात एक पुराना विवाद हिंसा में बदल गया. डी-ब्लॉक क्षेत्र में 6 हमलावरों ने 20 वर्षीय ई-रिक्शा चालक विकास कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी. इस हमले में उसका एक साथी भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक के खिलाफ पहले से चोरी और झपटमारी के मामले दर्ज थे. इस हत्याकांड में 4 नाबालिगों सहित 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है.

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सुल्तानपुरी में किशोर की हत्या, परिजनों का हंगामा

सुल्तानपुरी के सी-ब्लॉक में रात करीब 11 बजे 15 वर्षीय किशोर पर चाकू से हमला कर दिया गया. गंभीर हालत में उसे संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले ही आरोपी युवक घर आकर धमकी दे गए थे और इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुलिस ने मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया गया है.

आदर्श नगर में लूट का विरोध पड़ा भारी

आदर्श नगर थाना क्षेत्र में लूट की कोशिश का विरोध करना एक शख्स को भारी पड़ गया. आरोपियों ने चाकू से हमला कर उसकी मौके पर ही हत्या कर दी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय बिहारी लाल के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरोपी लूट के इरादे से आए थे और विरोध करने पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए.

नरेला में शव खेत में जलाया

नरेला इलाके में सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया. यहां एक युवक की हत्या के बाद उसके शव को लामपुर गांव के एक खेत में ले जाकर जला दिया गया. पुलिस को खेत से अधजली लाश बरामद हुई, जिसके पास एक बक्से से 500 रुपये के नोट और एक मोबाइल फोन मिला.

शुरुआती जांच में लूट के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है. मृतक की पहचान सोनीपत के भूपेंद्र उर्फ बीनू के रूप में हुई है, जो अपने भाई के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था.

पुलिस की गश्त और रणनीति पर उठे सवाल

एक ही रात में चार अलग-अलग इलाकों में हुई इन हत्याओं ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है. लोगों के मन में सवाल है कि जब नए साल से पहले पुलिस हाई अलर्ट का दावा कर रही थी, तो अपराधी इतनी आसानी से वारदातों को कैसे अंजाम दे गए. अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस इन मामलों में कितनी तेजी से कार्रवाई कर अपराधियों पर शिकंजा कस पाती है और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा वापस ला पाती है.