भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान दिया है. उन्होंने प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां पर मौजूद लोग पंचर लगाने वाले और चाबी बनाने वाले थे. उन्होंने कहा, हजारों बच्चों को वहां बरगलाकर इकट्ठा किया गया."
रमेश बिधूड़ी ने आगे कहा, "वहां पर बेरोजगार पंचर लगाने वाले ज्यादा थे. ताला-चाबी बनाने वाले ज्यादा थे. वहां पर छात्र कम थे. क्योंकि भारत की बेटी या बेटा पीएम मोदी के बारे में इस तरह की बातें कर सकते हैं क्या? वो पंचर लगाने वालों की ही औलादें होंगी, पंचर लगाने वालों के ही खानदान होंगे. जो पीएम मोदी के बारे इस तरह की बातों का इस्तेमाल करते हैं."
दिल्ली में 7 दिन तक लगातार होगी बारिश, जान लें मौसम का ताजा अपडेट
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या बोले रमेश बिधूड़ी?
रमेश बिधूड़ी ने कहा, "नीट के नाम पर वहां जो धरना प्रदर्शन किया गया. वहां पर मृत बच्चों की जो फोटो लगाई गई थी वो अभिभावकों और सबको इमोशनली ब्लैकमेल करके बुलाया गया था." उन्होंने आगे कहा, "उनकी मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो. नीट के बारे में क्या किया जाए तो उनकी कोई मांग नहीं थी."
पूर्व सांसद ने कहा, "प्रधानमंत्री ने उनकी मांगों को स्वीकार किया कि देश भटक न जाए. आंदोलन गलत लोगों के हाथों में न चला जाए. जिस नीयत से उन्होंने आंदोलन करने के लिए कहा था उस नीयत से आंदोलन नहीं किया गया था. वह विपक्ष के सहयोग से भारत में अव्यवस्था फैलाने के लिए आंदोलन था."
जंतर-मंतर पर लोगों को लेकर क्या कहा?
रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर मौजूद लोगों को लेकर कहा, "वहां जो लोग मौजूद थे वह भटके हुए लोग थे जिन्होंने इस तरह से अभद्र भाषा का प्रयोग किया. असल भारत का जेन-जेड नहीं भटका." उन्होंने आगे कहा कि वहां पर आए लोग सीलमपुर, जाफराबाद, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से लाए हुए ऐसे लोग थे जिनको कहा गया था कि टोपी पहनकर भी नहीं आएंगे, कलावा बांधकर आएंगे." उन्होंने आगे कहा, "मैं पहले दिन से ही कह रहा था वहां पर 15-20 प्रतिशत ही छात्र थे."
