राजधानी दिल्ली के राजघाट बस डिपो के पास स्थित घने जंगल में रविवार (12 अप्रैल) दोपहर अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में घना धुआं छा गया. आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
आग की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस तुरंत एक्शन में आ गई. करीब 1:35 बजे फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिली, जिसके बाद 9 से ज्यादा फायर टेंडर तुरंत मौके के लिए रवाना किए गए. फायर टीम ने पहुंचते ही हालात का जायजा लिया और अलग-अलग जगहों पर गाड़ियां तैनात कर आग बुझाने का काम शुरू कर दिया.
फायर अधिकारी भूपेंद्र प्रकाश के मुताबिक, आग जिस इलाके में लगी थी, वहां पास ही डीटीसी डिपो और आईजीएल स्टेशन मौजूद हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया था. जंगल की जमीन ऊबड़-खाबड़ होने और गहरे गड्ढों के कारण पानी पहुंचाना भी आसान नहीं था. ऐसे में फायरकर्मियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
बीटिंग मेथड से पाया काबू
जहां पानी पहुंचाना संभव नहीं था, वहां फायरकर्मियों ने पेड़ों की हरी टहनियों से आग बुझाने का पारंपरिक तरीका यानी बीटिंग मेथड अपनाया. इसके अलावा हॉर्स पाइप और कटिंग टूल्स की मदद से पेड़ों को काटकर अंदर तक पहुंच बनाई गई. भारी संख्या में मैनपावर लगाकर लगातार कई घंटों तक चली इस कार्रवाई के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया गया.
15-20 एकड़ क्षेत्र हुआ प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार इस आग में करीब 15 से 20 एकड़ जंगल का इलाका प्रभावित हुआ. हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के संवेदनशील इलाकों को बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया. फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है. मामले को Delhi Police को सौंप दिया गया है, जो अब अपने स्तर पर जांच कर रही है.
आग बुझने के बाद भी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर डटी हुई है ताकि कहीं कोई चिंगारी दोबारा आग का रूप न ले ले. इस घटना ने एक बार फिर दिखा दिया कि शहरी जंगलों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे में बदल सकती है.
