आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व के साथ मतभेदों के बीच, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर 'आवाज उठाई, कीमत चुकाई' शीर्षक वाला एक वीडियो साझा किया. यह वीडियो संसद में उनके द्वारा विभिन्न मुद्दे उठाते हुए दिखाने वाली कई ‘क्लिप’ का संकलन है. चड्ढा ने एक वीडियो ‘पोस्ट’ में कहा, 'पूरे सम्मान के साथ, मैं मेरे संसदीय प्रदर्शन पर सवाल उठाने वालों से यही कहूंगा कि मेरा काम ही बोलेगा.'
राघव ने इस वीडियो में उनके राज्यसभा में दिए गए भाषणों की झलक दिखाई गई है, जिसमें उन्होंने कई अहम मुद्दों को उठाया था. वीडियो में डाटा, पितृत्व अवकाश को कानूनी अधिकार बनाने, न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी खत्म करने और खाद्य मिलावट जैसे विषय शामिल हैं. इसके अलावा, 28 दिन के मोबाइल रिचार्ज प्लान, एयरलाइंस के एक्स्ट्रा बैगेज चार्ज, पेपर लीक घोटाले और वायु प्रदूषण की समस्या पर भी उन्होंने आवाज उठाई.राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स के शोषण, हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में देरी, टोल प्लाजा पर लूट, महंगे एयरपोर्ट खाने और बढ़ते हवाई किराए जैसे मुद्दों को भी संसद में उठाया.
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उन्होंने मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप का अधिकार देने की बात कही. साथ ही डिजिटल कॉपीराइट स्ट्राइक, बढ़ते कर्ज-से-जीडीपी अनुपात और भीड़भाड़ वाले एयरपोर्ट्स की समस्या पर भी चिंता जताई.वीडियो में सरकारी बैंकों की स्थिति, दिव्यांग और सशस्त्र बलों पर टैक्स हटाने, वर्चुअल डिजिटल एसेट्स को वैध बनाने और 'राइट टू हायर, राइट टू फायर' जैसे विषय भी शामिल हैं.
उन्होंने महंगाई, पंजाब की 'कैंसर ट्रेन', जल संकट, भूजल की कमी और पीने के पानी की समस्या जैसे गंभीर मुद्दों को भी उठाया है.इसके अलावा शिक्षा और रोजगार के बीच बढ़ती खाई, वेतन इंडेक्सेशन, किसानों के लिए एमएसपी, उत्पादों की भ्रामक ब्रांडिंग, और ग्रामीण बैंकिंग ढांचे को मजबूत करने की जरूरत का जिक्र है.
राघव चड्ढा ने दिए ये संकेत!
aap ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से दो अप्रैल को हटा दिया था. पार्टी ने उन पर आरोप लगाया है कि वह संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्र के खिलाफ मुखर होकर बोलने से बचते रहे और इसके बजाय अपने प्रचार-प्रसार में लगे रहे.
चड्ढा ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पार्टी के आरोपों को 'झूठ' करार दिया और कहा कि वह संसद में लोगों के मुद्दे उठाने गए थे, हंगामा करने नहीं.
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राज्यसभा में aap के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से चड्ढा सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट साझा कर चुके हैं. इससे यह साफ संकेत गया है कि वह उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए जाने के फैसले को चुपचाप स्वीकार नहीं करेंगे.
