दिल्ली में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है और अब इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तत्काल मुआवजे की मांग की है.
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भारी बारिश और ओलावृष्टि से दिल्ली देहात में खड़ी और कटी दोनों तरह की फसल को भारी नुकसान हुआ है. गेहूं की फसल कटाई के करीब थी, लेकिन मौसम की मार ने इसे लगभग बर्बाद कर दिया. उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 50,000 रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई और तुरंत भुगतान की अपील की.
किसानों पर आर्थिक संकट
उन्होंने कहा कि बारिश के बाद गेहूं, सरसों और सब्जियों की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में आ गए हैं. किसानों को उम्मीद है कि सरकार उनकी स्थिति को समझेगी और जल्द राहत देगी. उन्होंने सरकार से फसल नुकसान का तत्काल आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की.
कृषि कानूनों और केंद्र सरकार पर निशाना
देवेन्द्र यादव ने भाजपा पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है. उन्होंने तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि किसानों के विरोध और राहुल गांधी के संघर्ष के चलते सरकार को ये कानून वापस लेने पड़े थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों में किसानों के हितों से समझौता किया जा रहा है और विरोध करने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई.
महंगाई और बाजार व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
उन्होंने केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता और किसानों के प्रति उदासीनता के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है. किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है क्योंकि मंडियों में व्यापारी अपनी शर्तों पर दाम तय करते हैं. उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए ताकि किसानों को उनका हक मिल सके और आम आदमी की थाली महंगी न हो.
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