Delhi News: शिवसेना यूबीटी (Shiv Sena UBT) की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi) ने केंद्र सरकार की ओर से आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को अपना बंगला (Bungalow) खाली करने के आदेश मिलने पर बड़ा बयान दिया है. प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि, अगर रिकॉर्ड की जांच की जाए, तो यह देखा जा सकता है कि बहुत सारे लोग अवधि आवंटन से बाहर हो जाते हैं. इसके बावजूद बंगला में बने रहते हैं. बहुत सारे लोगों को ऐसे घर मिल गए जिसकी श्रेणी में वो नहीं आते. उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाना सत्तारूढ़ दल के प्रतिशोधपूर्ण रवैये को दर्शाता है.



शिवसेना संजय ​सिंह के साथ


प्रियंका चतुर्वेदी शनिवार को दिल्ली में संजय सिंह आजाद के निवास स्थान पर उनके पिता और उनकी धर्मपत्नी अनिता सिंह से मुलाकात की. मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि संजय के खिलाफ ED की कारवाई राजनीति से प्रेरित है. यह साबित करती है कि केंद्र सरकार बौखलाई हुई है. उनके इस संघर्ष में हम उनके साथ है.


टाइप 7 बंगले के हकदार नहीं


बता दें कि आम आदमी पार्टी के निलंबित सांसद राघव चड्ढा को हायर कटेगरी का बंगला अलॉट हुआ था. इस मामले का खुलासा होने के बाद यह मामला सियासी विवाद का विषय बन गया. अब उन्हें इस बंगले को खाली करने का आदेश मिला है. दरअसल, राघव चड्ढा को पिछले साल जुलाई में टाइप 7 बंगला दिया गया था. यह बंगला उन्हें राज्यसभा सांसद बनने के ​बाद अलाट हुआ था. मार्च 2023 में सचिवालय ने यह तक द्रते हुए आवंटन रद्द कर दिया था कि पहली बार राघव चड्ढा टाइप 7 बंगले के हकदार नहीं थे. 


बंगले पर अधिकार का दावा नहीं कर सकते चड्ढा


अब आप सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को बंगला खाली करने को कहा गया है. हालांकि, उन्होंने 18 अप्रैल को अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत का रुख किया था. उस समय कोर्ट ने बंगला खाली कराने पर रोक लगा दी थी. 7 अक्टूबर को रोक हटाते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि चड्ढा बंगले पर पूर्ण अधिकार का दावा नहीं कर सकते. 


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