सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर 2 अगस्त की शाम हुई घटना के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. इनमें धारा 221 लोक सेवक को उसके सार्वजनिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा पहुंचाने, धारा 121(1) लोक सेवक को कर्तव्य पालन से रोकने के लिए चोट पहुंचाने, धारा 132 लोक सेवक पर हमला करने और धारा 3(5) सामान्य आशय (Common Intention) से संबंधित है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
बता दें निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने रविवार को अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में किए गए नाटक को सही ठहराया, जिसके बाद एक व्यक्ति ने उन पर चप्पल फेंक दी. इस घटना के बाद उनके समर्थकों और हमलावर के बीच हाथापाई हो गई. यादव ने कहा कि वह 'जान लेने की कोशिश' से डरने वाले नहीं हैं. बिहार के पूर्णिया से सांसद यादव शुक्रवार को किए गए अपने प्रदर्शन को लेकर बीजेपी, हिंदू संगठनों और अन्य लोगों के विरोध के बीच संवाददाता सम्मेलन कर रहे थे. इस मामले में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में वाराणसी में यादव, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और फैजाबाद (अयोध्या) से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पप्पू यादव पर हमले का क्या है पूरा मामला?
यादव जब संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उनके नाटक को लेकर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि उन्होंने भगवान राम का अपमान किया है. इसके बाद उसने यादव पर चप्पल फेंक दी, जिसके बाद बिहार के पूर्णिया से सांसद यादव के समर्थकों और हमलावर के बीच हाथापाई हो गई. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और गाजियाबाद में लोहे का सामान बनाने का काम करता है. पुलिस के अनुसार उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. पुलिस सूत्र ने बताया कि हैप्पी नामक एक अन्य व्यक्ति घटना के समय यादव के आवास के बाहर खड़ी एक एसयूवी कार में मौजूद था.सूत्र ने बताया कि शर्मा ने पुलिस को कहा कि वे दोनों न तो हथियार लेकर आए थे और न ही किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं.दोनों लोगों ने जांच अधिकारियों से कहा कि वे सनातनी हैं और पप्पू यादव के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की.
उन्होंने यह भी कहा कि वे सांसद और उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं. पुलिस ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. यादव के करीबी सूत्रों ने दावा किया कि दो लोग पत्रकार बनकर आए थे और उनमें से एक ने यादव को निशाना बनाकर चप्पल फेंकी, जबकि दूसरे व्यक्ति के पास से चाकू बरामद किया गया. उन्होंने कहा कि बाद में दोनों लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था. यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था. इस दौरान राहुल गांधी समेत विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले, जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई ‘चोरी’ को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए. संवाददाता सम्मेलन में हंगामे से पहले यादव ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है. उन्होंने सवाल किया कि क्या भगवा रंग पर आरएसएस का एकाधिकार है?
यादव ने कहा, 'भगवा हमारी संस्कृति का हिस्सा है. सनातन हमारे लिए जीवन जीने का तरीका है.' सांसद ने दावा किया कि उन्होंने सनातन की रक्षा के लिए प्रदर्शन किया था. इसके बाद कथित हमलावर ने उनसे सवाल किया. उस व्यक्ति ने यादव पर भगवान राम का अपमान करने का आरोप लगाया और उन पर चप्पल फेंक दी. इसके बाद सांसद के समर्थकों ने कथित हमलावर को पकड़ लिया.
