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नमो भारत ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक और झटका सामने आया है. स्टेशनों पर कार पार्किंग की दरों में बदलाव कर दिया गया है, जिससे अब लंबे समय तक वाहन खड़ा करना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा हो गया है. नई व्यवस्था का सीधा असर रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों पर पड़ने वाला है.

अब तक नमो भारत स्टेशनों पर कार पार्किंग के लिए छह घंटे से लेकर 16 घंटे तक केवल 30 रुपये देने पड़ते थे. लेकिन नई व्यवस्था में दो अतिरिक्त स्लैब जोड़ दिए गए हैं, जिससे शुल्क को तीन अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया गया है. अन्य वाहनों और सामान्य रात्रि पार्किंग शुल्क में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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10 मिनट तक राहत, उसके बाद बढ़ता खर्च

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई यात्री केवल 10 मिनट के लिए कार रोकता है तो उसे कोई शुल्क नहीं देना होगा. हालांकि 10 मिनट से अधिक और छह घंटे तक वाहन खड़ा करने पर 30 रुपये देने होंगे. इसके बाद समय बढ़ने के साथ शुल्क भी तेजी से बढ़ेगा.

घंटों के हिसाब से तय की गई नई दरें

छह घंटे से अधिक और 12 घंटे तक कार खड़ी करने पर अब 60 रुपये चुकाने होंगे. वहीं 12 घंटे से अधिक और 16 घंटे तक पार्किंग का शुल्क 80 रुपये कर दिया गया है. यदि 16 घंटे से ज्यादा समय तक कार खड़ी रहती है और ट्रेन संचालन तक वाहन नहीं हटाया गया, तो 100 रुपये शुल्क देना होगा.

रात में पार्किंग सबसे ज्यादा महंगी

रात्रिकालीन पार्किंग को सबसे महंगा रखा गया है. रात 12 बजे से सुबह पांच बजे के बीच कार खड़ी करने पर यात्रियों को 200 रुपये का भुगतान करना होगा. यह दर उन लोगों को ज्यादा प्रभावित करेगी जो देर रात या सुबह जल्दी यात्रा करते हैं.

मेरठ साउथ स्टेशन पर सबसे ज्यादा असर

मेरठ जिले में फिलहाल केवल मेरठ साउथ यानी भूड़बराल स्टेशन से ही नमो भारत ट्रेन का संचालन हो रहा है. यहां शहर के विभिन्न इलाकों से लोग अपनी कार लेकर आते हैं और दिनभर के लिए पार्किंग में खड़ी कर ट्रेन से आगे की यात्रा करते हैं. स्टेशन परिसर के दोनों ओर पार्किंग स्थल अक्सर पूरी तरह भरे रहते हैं.

पार्किंग शुल्क बढ़ने से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है. यात्रियों का कहना है कि पहले छह से 16 घंटे तक केवल 30 रुपये लगते थे, इसलिए कार से स्टेशन आना सुविधाजनक था. अब पार्किंग के साथ ट्रेन किराया भी महंगा होने से खर्च काफी बढ़ गया है. ऐसे में उन्हें दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ेगा.