नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने 10 दिन के अंदर दूसरी अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है. ये फैक्ट्री मथुरा में यमुना नदी के किनारे चल रही थी. पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध हथियार और सामान बरामद किया है.
दरअसल इससे पहले पुलिस ने अलीगढ़ में भी एक अवैध हथियारों की फैक्टरी को पकड़ा था. अलीगढ़ से पकड़े गए आरोपी हनवीर ने अपने साथी शिवचरण का नाम बताया था. इसके बाद टीम ने लोकेशन और कॉल डिटेल्स की जांच कर मथुरा में छापा मारा. यहां फैक्ट्री यमुना किनारे ऐसे इलाके में थी जहां करीब 3 किलोमीटर तक पानी भरा हुआ था. पुलिस टीम को 5 से 8 फीट गहरे पानी में पैदल चलकर पहुंचना पड़ा. अंधेरा, पानी और मोबाइल नेटवर्क फेल होने के बावजूद टीम ने हिम्मत नहीं हारी और आरोपी को फैक्ट्री समेत हथियारों के साथ पकड़ लिया.
हनवीर के जरिए बेचता था हथियार
पुलिस पूछताछ में आरोपी शिवचरण ने बताया कि पहले वो हनवीर के साथ इस धंधे में काम करता था. बाद में हनवीर ने अलीगढ़ में दूसरी फैक्ट्री शुरू कर दी और मथुरा वाली फैक्ट्री वो अकेले चला रहा था. हथियारों को बेचना हनवीर के जरिए होता था और दोनों मुनाफे को बराबर बांटते थे. गांव वालों ने भी पुलिस को बताया कि शिवचरण फैक्ट्री के पास दो कुत्ते रखता था ताकि कोई वहां ना जा सके.
हथियार और बनाने का सामान किया बरामद
पुलिस ने छापे में बड़ी मात्रा में हथियार और बनाने का सामान बरामद किया है, जिनमें शामिल है 14 देसी पिस्टल (9 सिंगल बैरल, 5 डबल बैरल) 1 मस्कट गन, 350 से ज्यादा पिस्टल बनाने का कच्चा सामान, 50 बैरल, 28 छोटी बैरल पाइप और लकड़ी के हैंडल, हथियार बनाने की मशीनरी (ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, कटर मशीन, आरी आदि).
जब पुलिस टीम हथियार और आरोपी को लेकर लौट रही थी तभी आरोपी शिवचरण ने पानी भरे इलाके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की. लेकिन पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे फिर से पकड़ लिया. दिल्ली पुलिस का कहना है कि आगे और जांच की जा रही है ताकि इस अवैध हथियार नेटवर्क की पूरी चेन का पता लगाया जा सके.