ममता बनर्जी के सीएम पद से इस्तीफा नहीं देने वाले बयान पर कुमार विश्वास ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की एक मर्यादा है, वो पालन करनी चाहिए. उनके मना करने से कुछ होता नहीं है. जिस दल के पास सर्वाधिक विधायक होंगे, उसके नेता को बागडोर सौंप देंगे. दिल्ली में बुधवार (6 मई) को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने ये बातें कही.

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उन्हें मंथन करना चाहिए- कुमार विश्वास

कुमार विश्वास ने मीडिया से बातचीत में आगे कहा, "मैं आशा करता हूं कि उन्हें मंथन करना चाहिए, इस स्थिति पर पुनर्विचार करना चाहिए. वो बड़ी योद्धा हैं, वो बड़ी लड़ती रही हैं. पर दुर्भाग्य ये है कि वामपंथ के जिस आसुरी शक्तियों के खिलाफ उन्होंने युद्ध लड़ा था, कालांतर में वो सब असुर उनकी पार्टी में आ गए. मैं नई सरकार को भी ये सलाह दूंगा, उन्हें ये सूचित करूंगा कि जिनकी अस्थियों पर ये विजय ध्वज ठहराया है, उन्हीं का सम्मान हो. ऐसा न हो कि जो वामपंथ के समय में पटका पहनकर काम करते थे फिर तृणमूल में काम करते थे, वही चोला बदलकर इधर आ जाएंगे तो बंगाल को अपने दुखों से मुक्ति नहीं मिलेगी. मैं आशा करता हूं कि ऐसा होगा."

बंगाल चुनाव के नतीजों पर क्या बोले कुमार विश्वास?

बंगाल चुनाव के नतीजों पर उन्होंने कहा, "जब अति हो जाती है तो उसकी वर्जना होती ही है. आप एक बहुत बड़े समाज के हितों को, उनकी भावनाओं को अनवरत आहत करेंगे, अनवरत उसको चोट पहुंचाएंगे और निरंकुश रूप से कार्य करेंगे तो प्रजा इसी प्रकार का दंड देती है. ये लगातार हम लोकतंत्र में देखते हैं. मैं स्वयं उसका भोगी हूं..."

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गौरतलब है कि बंगाल चुनाव नतीजों के बाद बुधवार (6 मई) को ममता बनर्जी ने पार्टी के विधायकों के साथ बैठक की. इस बैठक में उन्होंने विधायकों से कहा कि वो सीएम पद से इस्तीफा नहीं देंगी.

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