दिल्ली के चर्चित कैलाश हिल्स रेप और मर्डर केस में साकेत कोर्ट ने पूर्व घरेलू नौकर राहुल मीणा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का संज्ञान ले लिया. कोर्ट ने पुलिस को मामले से जुड़े सभी वीडियो सबूत सुरक्षित रखने और उनकी कॉपी बचाव पक्ष को देने का निर्देश दिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी.

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22 वर्षीय युवती एक वरिष्ठ IRS अधिकारी की बेटी थी. वह IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद UPSC की तैयारी कर रही थी. 22 अप्रैल की सुबह उसके माता-पिता जिम से लौटे तो बेटी घर में मृत मिली. इस वारदात ने पूरे दिल्ली को झकझोर कर रख दिया था.

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नौकरी से निकाले जाने का बदला लेने पहुंचा था आरोपी

पुलिस के मुताबिक 23 वर्षीय राहुल मीणा पहले पीड़िता के घर में घरेलू नौकर था. फरवरी में कथित आर्थिक गड़बड़ी के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. जांच में सामने आया कि उसे घर में रखी अतिरिक्त चाबी की जानकारी थी. उसी का फायदा उठाकर वह सुबह करीब साढ़े छह बजे घर में दाखिल हुआ.

पैसों की मांग का विरोध किया तो कर दी हत्या

जांच के अनुसार आरोपी ने पहले युवती के साथ रेप किया.  इसके बाद जब उसने पैसे देने से इनकार किया और विरोध किया तो मोबाइल चार्जर की केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी घर से 5 से 7 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गया. पहचान छिपाने के लिए उसने पीड़िता के भाई के कपड़े पहन लिए. 

दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच में 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में आरोपी सुबह करीब 6:30 बजे सोसाइटी में दाखिल होता और करीब 7:20 बजे बाहर निकलता दिखाई दिया. इसी आधार पर पुलिस ने उसी दिन द्वारका के एक होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया. 

DNA, फिंगरप्रिंट और फॉरेंसिक रिपोर्ट बने सबसे बड़े सबूत

पुलिस का दावा है कि घटनास्थल से मिले फिंगरप्रिंट, हथेली के निशान और अंगूठे के निशान आरोपी से मेल खाते हैं. DNA जांच में भी आरोपी का DNA घटनास्थल से मिले जैविक साक्ष्यों से मैच हुआ. CFSL और FSL की फॉरेंसिक रिपोर्ट ने भी पुलिस की जांच की पुष्टि की है. 

जांच के दौरान आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर पूरी वारदात दोबारा दोहराई गई. इस दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कराई गई. आरोपी के चलने के तरीके (गेट एनालिसिस) तक की जांच की गई. इसके अलावा उसके व्यवहार और आवाज का वैज्ञानिक परीक्षण भी कराया गया. 

लूटा गया पूरा सामान बरामद

पुलिस का कहना है कि आरोपी की निशानदेही पर लूटी गई पूरी रकम और अन्य सामान बरामद कर लिया गया. जांच के दौरान पड़ोसियों, सुरक्षा गार्डों, घरेलू सहायकों, ड्राइवरों, मजदूरों, ऑटो और टैक्सी चालकों समेत बड़ी संख्या में लोगों से पूछताछ की गई. 

पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, DNA, फिंगरप्रिंट, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल का पुनर्निर्माण, आरोपी का व्यवहार परीक्षण और बरामदगी इन सभी वैज्ञानिक और तकनीकी सबूतों ने आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत और  तैयार कर दी है. इसी आधार पर अदालत ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए मामले की अगली सुनवाई 1 अगस्त तय की है. 

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