Jamia Nagar Bulldozer Action News: दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से जारी ध्वस्तीकरण नोटिस को लेकर जामिया नगर के लोगों को बड़ी राहत दी है. हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग को अगली सुनवाई की तारीख तक इस मसले पर कार्रवाई करने से मना किया है. 

इस मामले में जामिया नगर के 115 निवासियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सिंचाई विभाग को मुरादी रोड, खिजर बाबा कॉलोनी, जामिया नगर और ओखला में खसरा संख्या 277 में स्थित उनकी संबंधित संपत्तियों को ध्वस्त करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की थी. 

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के नेतृत्व में ओखला में 115 संपत्तियों की प्रस्तावित बेदखली और ध्वस्तीकरण पर रोक लगाकर अंतरिम राहत प्रदान की है. यह कदम निवासियों द्वारा गैरकानूनी नोटिस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बाद उठाया गया है. 

इस मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाई कोर्ट के जज जस्टिस सचिन दत्ता ने संबंधित विभाग से जवाब मांगा है. प्रभावित निवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता डॉ. फारुख खान ने तर्क दिया कि बेदखली नोटिस मनमाने हैं और कानूनी आधार की कमी है.

4 जून को होगी आगे की सुनवाई

जामिया नगर निवासियों की ओर से हाई कोर्ट में पेश वकील ने अदालत से कहा कि विभाग के पास भूमि स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं. न्यायालय ने आगे की सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है. 

इस बीच याचिका में तर्क दिया गया है कि यूपी सरकार की भूमि पर कथित रूप से स्थित संपत्तियों पर लंबे समय से कब्जा, राज्य से स्पष्ट शीर्षक प्रमाण के बिना विवादास्पद हो गया है. यह कानूनी लड़ाई इन जमीनों पर मुकदमेबाजी के लंबे इतिहास को रेखांकित करती है.

बता दें कि दिल्ली के जामिया नगर के अलावे भी कई इलाकों अतिक्रमण विरोध कार्रवाई जारी है. एमसडी द्वारा हर रोज किसी न किसी इलाके में इस तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं. मंगवार को भी हरकेशन नगर में एमसीपी ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की थी.