उत्तर-पश्चिम दिल्ली के नरेला इलाके में रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिलने वाली है. दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग ने खेड़ा कलां रेलवे फाटक पर एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदलने की उम्मीद है.

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PWD द्वारा शुरू की गई इस परियोजना का मकसद नरेला और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक के दबाव को कम करना है. लंबे समय से रेलवे फाटक बंद होने के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता था, जिससे आमजन के साथ-साथ व्यापार भी प्रभावित हो रहा था.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा नया ढांचा

इस परियोजना के तहत एक चौड़ा चार लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे तेज गति से वाहनों की आवाजाही संभव हो सकेगी. इसके साथ ही रेलवे लाइन के नीचे से गुजरने के लिए आधुनिक वाहन अंडरपास का निर्माण किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक को रोके बिना आवागमन जारी रहे.

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योजना में दो समर्पित यू-टर्न रैंप भी शामिल हैं, जो वाहनों को बिना बाधा मोड़ने में मदद करेंगे. इसके अलावा पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मजबूत और सुरक्षित फुटपाथ भी विकसित किए जाएंगे.

94 करोड़ में बनकर तैयार होगा प्रोजेक्ट

दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 94 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. विभाग ने इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट को 18 महीनों (डेढ़ साल) के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

आम जनता को क्या होगा लाभ?

  • इस फ्लाईओवर और अंडरपास के बन जाने से नरेला और आसपास के इलाकों की सूरत बदल जाएगी.
  • ट्रैफिक का सुचारू संचालन: रेलवे फाटक बंद होने के कारण लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी.
  • समय की बचत: यात्रा के समय में भारी कमी आएगी, जिससे लोग अपने गंतव्य तक जल्दी पहुंच सकेंगे.
  • बेहतर सड़क सुरक्षा: वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए टर्न और फुटपाथ के कारण सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
  • प्रदूषण में कमी: जाम में गाड़ियां खड़ी न रहने के कारण ईंधन की बचत होगी और वायु प्रदूषण भी कम होगा.

नरेला की कनेक्टिविटी को मिलेगा नया आयाम

सरकार का कहना है कि इस परियोजना से सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन सुनिश्चित होगा. इससे न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी, बल्कि उत्तर-पश्चिम दिल्ली की कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापार और विकास को भी नई गति मिलेगी.