दिल्ली बीजेपी की नई टीम बनाने की तैयारी चल रही है. संगठन में बदलाव की योजना है. इसके तहत पार्टी के मौजूदा पदाधिकारियों में से करीब 70-80 फीसदी को नए चेहरों और युवा नेताओं से बदला जा सकता है. दिल्ली BJP के नए अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में पार्टी पहले से ही जिला इकाइयों के पुनर्गठन में जुटी हुई है.
दिल्ली BJP के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि जुलाई तक राज्य इकाई में पूरी तरह से बदलाव होने की उम्मीद है. इस बात पर जोर होगा कि अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले नए नेताओं को मौका दिया जाए और इस पुनर्गठन के कारण मौजूदा पदाधिकारियों में से लगभग 70-80 प्रतिशत को पद छोड़ना पड़ सकता है.
दिल्ली बीजेपी की नई टीम में युवाओं को मिलेगा मौका!
उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित करने की योजना है कि ज़्यादातर युवा नेताओं, खासकर 45 साल से कम उम्र के लोगों को अलग-अलग पदों पर काम करने का मौका मिले. इससे पहले, मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पुनर्गठन का काम जुलाई तक पूरा हो जाएगा और उनके नेतृत्व में नई टीम अगले साल होने वाले दिल्ली नगर निगम (MCD) चुनावों से पहले काम संभाल लेगी. मल्होत्रा ने पिछले महीने दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष का पद संभाला था. वो अभी सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा कॉर्पोरेट मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं.
पार्टी के कई पदाधिकारी बन चुके हैं विधायक
पार्टी नेताओं ने कहा कि मौजूदा पदाधिकारियों को बड़े पैमाने पर बदलने की ज़रूरत इसलिए पड़ी क्योंकि उनमें से कई फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनावों में विधायक चुने गए थे. बीजेपी की राज्य इकाई में अध्यक्ष और महासचिव (संगठन) के अलावा आठ उपाध्यक्ष, तीन महासचिव, एक कोषाध्यक्ष और 9 सचिव शामिल हैं.
बीजेपी के कई फ्रंट संगठनों में भी किए जाएंगे बदलाव
उन्होंने कहा कि पार्टी के कई फ्रंट संगठनों में भी संगठनात्मक फेरबदल कर बदलाव किए जाएंगे. पार्टी उन अनुभवी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी प्राथमिकता देगी जिन्होंने विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी काबिलियत और संगठनात्मक व चुनावी अभियान कौशल का प्रदर्शन किया है. बीजेपी की नजर MCD चुनावों पर भी है, जहां उसने AAP के हाथों अपनी मज़बूत स्थिति खो दी थी, हालाँकि AAP के कई पार्षदों के पाला बदलने से उसे नगर निकाय पर फिर से नियंत्रण पाने में मदद मिली.
कुछ मौजूदा पार्षदों को भी किया जा सकता है शामिल
इसे देखते हुए बीजेपी अपनी दिल्ली की टीम में अपने कुछ मौजूदा पार्षदों को भी शामिल कर सकती है. मल्होत्रा ने पहले कहा था कि ज़िला इकाइयों में संगठनात्मक कमियों को दूर करना और राज्य इकाई का पुनर्गठन करना उनकी प्राथमिकताएं होंगी. पार्टी नेताओं ने ये भी कहा कि मल्होत्रा के संगठनात्मक मामलों में गहरे अनुभव को देखते हुए, नई टीम में ऐसे नेता शामिल हो सकते हैं जो ज़मीनी स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों में सक्रिय रहे हैं.
यह पुनर्गठन प्रक्रिया BJP की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत काबिल युवा नेताओं की पहचान करके उन्हें ज़िम्मेदारी वाले पदों पर बैठाया जाता है ताकि भविष्य के लिए नेतृत्व तैयार किया जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि इससे शीर्ष नेतृत्व को उन लोगों को हटाने का मौका मिलता है जो अहम पदों पर होने के बावजूद अच्छा काम नहीं कर पा रहे.
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