Delhi Under-Ground Tunnel: दिल्ली की सड़कों को जाम से थोड़ी राहत मिलने वाली है. रविवार (8 जून) को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इससे जुड़ी एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों के लिए 24,000 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को मंजूरी दी है.
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य राजधानी में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाना और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है. इसमें सबसे अहम परियोजना महिपालपुर के शिव मूर्ति क्षेत्र (द्वारका एक्सप्रेसवे) से वसंत कुंज की नेल्सन मंडेला रोड तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण है.
3 लेन के 2 अलग-अलग टनल का निर्माण करेगी NHAI- रेखा गुप्तामुख्यमंत्री ने बताया कि इस सुरंग का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा और इस पर लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत आएगी. यह परियोजना हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में स्वीकृत हुई है.
सुरंग निर्माण कार्य की शुरुआत अगले वर्ष के आरंभ में होने की संभावना है. यह सुरंग 2 अलग-अलग टनल के रूप में बनेगी, जिनमें तीन-तीन लेन होंगी, जिससे कुल छह लेन की यातायात सुविधा उपलब्ध होगी.
टनल हाई-टेक सुविधाओं से होगी लैस- रेखा गुप्तायह हाई-टेक सुरंग न केवल दक्षिणी दिल्ली को द्वारका और गुरुग्राम से जोड़ेगी बल्कि एक सिग्नल-फ्री वैकल्पिक मार्ग भी प्रदान करेगी. गुप्ता ने बताया कि इसमें इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सिस्टम, वेंटिलेशन, अग्निशमन व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन निकासी मार्ग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी. इस सुरंग से रंगपुरी, धौला कुआं, राव तुला राम मार्ग और NH-48 पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा.
रेखा गुप्ता ने इसे "भविष्य की दिल्ली की नींव" बताते हुए कहा कि यह सुरंग दिल्ली के पूर्वी और मध्य हिस्सों को दिल्ली एक्सप्रेसवे, एनएच-44, एनएच-10, दिल्ली-जयपुर राजमार्ग (एनएच-48), दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे और अर्बन एक्सटेंशन रोड जैसे प्रमुख मार्गों से जोड़ेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना दिल्ली के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगी और लाखों नागरिकों को यातायात जाम से राहत दिलाएगी.