दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर एक्शन के दौरान बवाल मामले में दर्ज एफआईआर में बड़ा खुलासा हुआ है. चांदनी महल पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल संदीप के बयान पर FIR दर्ज हुई है. कॉन्स्टेबल संदीप ने बयान में बताया कि बड़ी मस्ज़िद तुर्कमान गेट के पास तैनात था. जहां कोर्ट के आदेशानुसार फैज ए इलाही मस्जिद के पास MCD की ओर से अवैध कब्जे को हटाया जाना था, जिसे लेकर लोगों को पहले ही अवगत करा दिया गया था.
30-35 लोगों की भीड़ बैरिकेड की तरफ आई- कॉन्सटेबल
कॉन्स्टेबल संदीप ने बताया, ''रात 12 बजकर 40 मिनट मिनट पर SHO, पुलिस के अन्य स्टाफ के साथ बैरिकेडिंग कर रहे थे, तभी 30-35 लोग की भीड़ पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए पुलिस बैरिकेडिंग की तरफ आए. जिनमें से शहनवाज, मोहम्मद आरिब, मोहम्मद कासिफ, मोहम्मद अदनान और मोहम्मद कैफ को जानता हूं.''
'लोगों ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़ा और पत्थरबाजी की'
उन्होंने कहा, ''SHO साहब ने इन लोगों को लाउड हेलर पर घोषणा कर बताया कि इलाके में BNSS की धारा 163 लगी हुई है. सभी लोग तीतर बितर हो जाएं लेकिन वो लोग नहीं माने, तभी लोगों ने नारेबाजी करते हुए बैरिकेड तोड़ा और पत्थरबाजी शुरू कर दी. उनमें से एक व्यक्ति ने मेरे हाथ से लाउड हेलर छीनकर तोड़ दिया. इन लोगों के द्वारा की गई पत्थरबाजी में हेड कॉन्स्टेबल जय सिंह, कॉन्स्टेबल विक्रम, रविन्द्र और SHO को चोटें आईं हैं.
अन्य लोगों के सामने आने पर पहचान सकता हूं- कॉन्सेबल
कॉन्स्टेबल ने जानकारी देते हुए आगे बताया कि इसी दौरान और पुलिस फोर्स की मदद से उन लोगों को तितर बितर किया गया. जिसके बाद हमें अस्पताल में एडमिट करवाया गया. उन्होंने ये भी कहा, ''मैं मोहम्मद शहनवाज, मोहम्मद आरिब, कासिफ, मोहम्मद अदनान, कैफ को जानता हूं. अन्य लोगों के सामने आने पर पहचान सकता हूं.''