दिल्ली मेट्रो नेटवर्क एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है. पिंक लाइन का अधूरा घेरा अब पूरा होने जा रहा है, जिससे राजधानी को पहली रिंग लाइन मेट्रो मिलने वाली है. यह कदम ट्रैफिक दबाव कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूती देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
फेज-4 के तहत तैयार मौजपुर से मजलिस पार्क तक का नया मेट्रो सेक्शन लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है. इस हिस्से के चालू होते ही पिंक लाइन 71 किलोमीटर लंबी रिंग लाइन का स्वरूप ले लेगी. इसके बाद यात्री एक सर्कुलर रूट पर बिना दिशा बदले सफर कर सकेंगे.
कभी भी मिल सकती है हरी झंडी
सूत्रों की मानें तो बढ़ते प्रदूषण और निजी वाहनों की संख्या को देखते हुए सरकार इस कॉरिडोर को जल्द खोलने पर विचार कर रही है. सभी तकनीकी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं. यदि अंतिम स्तर पर कोई अड़चन नहीं आई तो नए साल में यात्रियों को इस रिंग लाइन पर सफर करने का अवसर मिल सकता है.
किराया सीमित, सुविधा अधिक
नई रिंग लाइन पर अधिकतम मेट्रो किराया 64 रुपये रखा गया है. मौजपुर से मजलिस पार्क तक बने 12 किलोमीटर लंबे सेक्शन में आठ नए स्टेशन शामिल किए गए हैं. यह हिस्सा मौजूदा पिंक लाइन का ही विस्तार है, जिससे यात्रियों को अलग लाइन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
CMRS से मिल चुकी है मंजूरी
मेट्रो अधिकारियों के अनुसार इस पूरे कॉरिडोर को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त से संचालन की अनुमति पहले ही मिल चुकी है. अब केवल औपचारिक उद्घाटन शेष है. पहले इसे दिसंबर में शुरू करने की योजना थी, लेकिन अब इसकी टाइमलाइन नए साल की ओर खिसक गई है.
नोएडा और बहादुरगढ़ का सफर होगा छोटा
रिंग लाइन के शुरू होने से उत्तर और पश्चिमी दिल्ली के यात्रियों को बड़ा फायदा मिलेगा. अब मजलिस पार्क से चलने वाले यात्रियों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. वे सीधे मौजपुर होकर मयूर विहार फेज-1 पहुंच सकेंगे और वहां से ब्लू लाइन के जरिए नोएडा जाना आसान होगा. इसी तरह बहादुरगढ़ से आने वाले यात्री ग्रीन और पिंक लाइन के इंटरचेंज का उपयोग कर बिना रुकावट सफर कर पाएंगे.
इन इलाकों को मिलेगा सीधा मेट्रो लाभ
नए कॉरिडोर के तहत यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सोनिया विहार, सूरघाट, जगतपुर विलेज, झड़ौदा माजरा और बुराड़ी जैसे इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इससे इन क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों की रोजमर्रा की यात्रा आसान होगी.
पूरी रिंग लाइन में कुल 46 स्टेशन होंगे और इनमें 12 इंटरचेंज स्टेशन शामिल होंगे. इन इंटरचेंज स्टेशनों के जरिए यात्री ब्लू, येलो, ग्रीन, वॉयलेट और मजेंटा लाइन पर बिना स्टेशन से बाहर निकले सफर कर सकेंगे. इससे दिल्ली-एनसीआर का मेट्रो नेटवर्क पहले से ज्यादा तेज, सुगम और प्रभावी बन जाएगा.
फेज 5A के तहत 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A के तहत तीन नये गलियारों के निर्माण की स्वीकृति का स्वागत करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार का मेट्रो विस्तार का यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दिल्ली वालों के प्रति संवेदनशीलता को प्रतिबिंबित करता है.
उन्होंने कहा कि, फेज 5A के तहत 12014.91 करोड़ की लागत से बनने वाले मेट्रो के तीनों नए कॉरिडोर, जिनमें सेंट्रल विस्टा गलियारा बहुत महत्वपूर्ण है. इससे सेंट्रल विस्टा में आने वाले हजारों सरकारी कर्मियों को बहुत सुविधा होगी और इसके निर्माण से सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में प्रदूषण भी नियंत्रित होगा.