Delhi Hit And Run Case: दिल्ली में 4 मई 2025 की रात, महिपालपुर फ्लाईओवर के पास रेड लाइट पर राजीव कुमार नाम का एक सुरक्षा गार्ड अपनी ड्यूटी पर तैनात था. फायरवॉल सिक्योरिटीज लिमिटेड में काम करने वाला राजीव शायद ही सोच सकता था कि उसकी जिंदगी पलभर में तहस-नहस हो जाएगी. रात को एक काली महिंद्रा थार रॉक्स तेज रफ्तार में आई और जानबूझकर राजीव को टक्कर मारकर भाग गई.

टक्कर इतनी भीषण थी कि राजीव के पैरों और टखनों की हड्डियां चूर-चूर हो गई. खून से लथपथ राजीव सड़क पर तड़पता रहा, जबकि गाड़ी की लाल बत्ती अंधेरे में गायब हो गई. वसंत कुंज दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने तुरंत कमर कसी. FIR नंबर 220/25, धारा 281/109(1) के तहत, BNS के तहत हत्या के प्रयास और हिट एंड रन का मामला दर्ज किया गया. 

पुलिस की 'जेम्स बॉन्ड' स्टाइल कार्रवाई

इस रहस्यमयी मामले को सुलझाने के लिए वसंत कुंज दक्षिण थाने के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अरविंद प्रताप सिंह ने एक 'स्पेशल टास्क फोर्स' गठित की. इस टीम में सब इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल नेमीचंद, पवन और रवित शामिल थे. ACP वसंत कुंज की सख्त निगरानी में यह टीम किसी हॉलीवुड एक्शन फिल्म की तरह काम पर जुट गई. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों CCTV फुटेज को रातभर खंगाला. 

आखिरकार, एक धुंधले फुटेज में वह काली महिंद्रा थार नजर आई, जो वारदात की गवाह थी. फुटेज से गाड़ी के मालिक का पता चला, जिसे तुरंत मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 133 के तहत नोटिस थमाया गया. सुरागों की कड़ी जोड़ते हुए पुलिस रंगपुरी के टाटा टेल्को इलाके में पहुंची, जहां 24 साल का विजय उर्फ लाले छिपा हुआ था. रात के आखिरी पहर में पुलिस ने लाले को धर दबोचा. उसकी चमचमाती महिंद्रा थार, जिसके टायरों पर अभी भी वारदात के निशान मौजूद थे, जब्त कर ली गई. 

6 घंटे में मामले को सुलझाया 

रंगपुरी का रहने वाला विजय उर्फ लाले एक साधारण सा युवक लगता है, जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. लेकिन उसकी इस हरकत ने सबको हैरान कर दिया. आखिर क्यों उसने राजीव को निशाना बनाया? क्या यह निजी रंजिश थी, तेज रफ्तार का नशा, या फिर कोई गहरी साजिश? पूछताछ में लाले की खामोशी ने रहस्य को और गहरा दिया है. पुलिस अब उसकी हर गतिविधि की जांच कर रही है. 

महज 6 घंटे में इस मामले को सुलझाने के लिए वसंत कुंज दक्षिण पुलिस की तारीफों के पुल बंधे जा रहे हैं. स्थानीय लोग इसे 'पुलिस का मास्टरस्ट्रोक' बता रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी लोग लिख रहे हैं, "यह तो रील लाइफ नहीं, रियल लाइफ का एक्शन है!" महिपालपुर के एक दुकानदार ने कहा, पुलिस ने ऐसा काम किया, मानो कोई थ्रिलर फिल्म देख रहे हों. घायल राजीव कुमार दिल्ली के एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है, लेकिन रिकवरी में वक्त लगेगा.

परिवार पुलिस का शुक्रगुजार है

राजीव का परिवार पुलिस का शुक्रगुजार है, जिसने इतनी जल्दी इंसाफ की राह दिखाई. लाले की गिरफ्तारी और गाड़ी की बरामदगी ने एक सवाल का जवाब तो दे दिया, लेकिन कई सवाल अभी भी हवा में तैर रहे हैं. इस वारदात के पीछे का असली मकसद क्या था? क्या लाले अकेला था, या कोई और भी इस खेल में शामिल है. दिल्ली पुलिस अब इस केस को और गहराई से खंगाल रही है, ताकि हर सच सामने आए.