दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने एक इंटर स्टेट मोबाइल चोरी गैंग का पर्दाफाश कर 224 चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल फोन बरामद किए यह गैंग दिल्ली से चोरी और स्नैचिंग कर ले गए मोबाइल फोन को अनलॉक करवा कर बिहार के मुंगेर के रास्ते नेपाल भेजता था.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से इस नेचुरल और पिक पॉकेट से सस्ते दामों में चोरी के मोबाइल खरीदते थे. फिर आजाद मार्केट और गफ्फार मार्केट के मोबाइल रिपेयर दुकानदारों से इन मोबाइल का लॉक पैटर्न तुड़वाते थे.
उसके बाद मोबाइल फोन को बिहार के मुंगेर के रास्ते नेपाल भेजा जाता था जहां उनकी अच्छी कीमत मिलती है. हाल ही में नेपाल में Gen Z आंदोलन और सरकार गिरने के कारण हालात बिगड़े हैं, जिससे यह खेप दिल्ली में ही रुकी रह गई और पुलिस ने दबिश देकर गिरोह को पकड़ लिया.
दिल्ली पुलिस ने रणनीति बनाकर की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए आनंद विहार रेलवे स्टेशन से वृंदावन और मुकेश कुमार नाम के दो आरोपियों को अरेस्ट किया. उनके पास से 98 चोरी के मोबाइल बरामद हुए दिल्ली पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दोनों बिहार के मुंगेर जिले के रहने वाले हैं और लंबे समय से चोरी के मोबाइल नेपाल भेज रहे थे.
उनके निशानदेही पर विक्की ,विकास और विक्की बिंद नाम के आरोपियों को अरेस्ट किया है. दिल्ली पुलिस को इनके पास से भी 120 से भी ज्यादा चोरी के मोबाइल मिले है. कुल मिलाकर 224 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है. इनमें से 14 मोबाइल विभिन्न थानों में दर्ज चोरी व स्नैचिंग की वारदातों से लिंक हो चुके हैं.
'फोन चोरी के बाद UPI से भी निकाले पैसे'
जिन लोगों के मोबाइल बरामद हुए हैं, उनसे संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि उनके फोन चोरी और स्नैचिंग के दौरान लूटे गए थे. कई पीड़ितों ने यह भी कहा कि फोन चोरी होने के बाद उनके UPI अकाउंट से पैसे भी निकाल लिए गए थे. दिल्ली पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य रिसीवरों का भी पता चल सके.