दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह नेटवर्क शेल कंपनियों और म्यूल बैंक अकाउंट्स के जरिए देशभर में साइबर फ्रॉड से ठगे गए पैसों को इधर-उधर करने का काम कर रहा था. 

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दिल्ली पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान नई दिल्ली जिले में कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए. NCRP पोर्टल पर आई शिकायतों की जांच में पता चला कि एक निजी बैंक का एक खाता साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल हो रहा था. यह खाता निजी कंपनी के नाम पर था जो प्रथम दृष्टया यह खाता म्यूल अकाउंट निकला.

दिल्ली पुलिस की जांच में हुआ अहम खुलासा

दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि आरोपी राजेश खन्ना के नाम पर यह कंपनी और खाता खोला गया था, लेकिन असल में इसका संचालन सुशील चावला और राजेश कुमार कर रहे थे. पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन आरोपियों ने करीब 20 शेल कंपनियां खोल रखी थीं जिनके जरिए साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को कई परतों में घुमाया जाता था. 

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पुलिस जांच में सामने आई यह जानकारी

दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इन शेल कंपनियों से जुड़े खातों पर देशभर से जुड़ी कुल 176 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं. जिसकी कुल राशि करीब 180 करोड़ रुपये आंकी गई है. जांच के दौरान यह भी पता चला कि राजेश खन्ना की मौत हो चुकी है और उसे केवल एक फ्रंट के तौर पर इस्तेमाल किया गया था. 

जांच में सहयोग न करने और संदिग्ध चैट्स मिलने के बाद सुशील चावला और राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया है. डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों को I4C को भेजा जा रहा है. पुलिस के अनुसार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की जांच अभी चल रही है.