उमर खालिद के समर्थन में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी के पत्र और उसपर बीजेपी की प्रतिक्रिया को लेकर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने abp न्यूज़ से बातचीत की. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की पूर्व PM हमारे देश में हैं. उनपर हमारे देश ने टिप्पणी की और ट्रायल पर भी टिप्पणी की. क्या ये दूसरे देश के मामले में हस्तक्षेप नहीं है?

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उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास ने आगे कहा, ''न्यायपालिका पर किसी ने टिप्पणी नहीं की है. खुद बीजेपी के लोग जब दूसरे देशों के मामलों में आवाज उठाते हैं तो उसको किस खाने में रखेंगे? क्या इंटरफ़ेरेंस नहीं है? बीजेपी को ये देखना चाहिए कि जो हमारे देश में हो रहा है कि 5 साल से लोगों को बिना ट्रायल बेल नहीं मिलती है तो इस पर चिंता व्यक्त करनी चाहिए.''

ममदानी ने उमर खालिद के समर्थन में लिखी चिट्ठी

न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के समर्थन में एक चिट्ठी लिखी है. इसमें उन्होंने उमर खालिद के विचारों का जिक्र किया है. ममदानी की इस लेटर को खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शेयर किया था. खालिद को लिखी ममदानी की चिट्ठी की तस्वीर के साथ कैप्शन में लिखा था, ''जब जेल लोगों को अलग-थलग करने का प्रयास करती हैं तो आपके शब्द ताकत बनकर फैल जाते हैं.'' 

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हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं- ममदानी

ये चिट्ठी हाथ से लिखी गई है और इस पर न्यूयॉर्क के मेयर ममदानी के सिग्नेचर भी हैं. इस पत्र में उन्होंने लिखा, ''प्रिय उमर, मैं अक्सर आपके उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देने की बात थी. आपके माता-पिता से मिलकर खुशी हुई. हम सब आपके बारे में ही सोच रहे हैं.''

इस बीच, अमेरिकी सांसदों के एक ग्रुप ने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को चिट्ठी लिखकर उमर खालिद के लिए जमानत और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.

उमर खालिद किस मामले में हैं आरोपी?

दिल्ली दंगा 2020 के मामले में मुख्य साजिशकर्ता होने के आरोप में उमर खालिद और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कड़े आतंकवाद विरोधी कानून, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (यूएपीए) और आईपीसी के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था. इस दंगे में 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे.