Delhi Police arrested Cyber Thug: साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली पुलिस की द्वारका साइबर टीम ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए खुद को सीबीआई ऑफिसर बताता था और लोगों को फंसाकर अश्लील वीडियो बनाता था. इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर मोटी रकम वसूलता था. इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए पुलिस को हिमाचल प्रदेश के बर्फीले इलाकों तक जाना पड़ा, जहां आरोपी छिपा बैठा था.
पुलिस ने बताया कि यह ठग पहले लोगों को अचानक वीडियो कॉल करता, फिर फोन काट देता था. इसके बाद वह खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर कॉल करता और धमकी देता कि वीडियो कॉल में दिखने वाली लड़की ने आत्महत्या कर ली है. इसी बहाने वह लोगों से पैसे ऐंठता था.
ऐसे करता था लाखों रुपये की ठगीदिल्ली के एक व्यक्ति ने 12 अगस्त को साइबर थाना द्वारका में शिकायत दर्ज कराई थी. उसने बताया कि उसे एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आई, जो कुछ सेकंड में ही कट गई. अगले दिन एक नए नंबर से कॉल आई, जिसमें खुद को सीबीआई अधिकारी गौरव मल्होत्रा बताया और कहा कि वीडियो कॉल में दिखने वाली लड़की ने आत्महत्या कर ली है. इसके बाद, आरोपी ने पीड़ित को धमकाने के लिए एंबुलेंस की तस्वीरें और एक अश्लील वीडियो भेजा, जिसमें पीड़ित को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया था. डरे हुए पीड़ित ने 4.84 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए.
ठग को पकड़ने के लिए हिमाचल तक गई पुलिसइस मामले को सुलझाने के लिए डीसीपी द्वारका ने एसीपी राम अवतार की निगरानी में इंस्पेक्टर खालिद हुसैन (एसएचओ, साइबर थाना द्वारका) के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई. इस टीम में एसआई साहिल गहलावत, हेड कांस्टेबल योगेश कुमार, हेड कांस्टेबल प्रमोद और कांस्टेबल योगेश शामिल थे.
जानकारी के मुताबिक पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर ठग की लोकेशन का पता लगाया. जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में छिपा हुआ था. टीम ने बिना देरी किए हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के सूनसान इलाकों में छापा मारा.
डीसीपी के मुताबिक जब पुलिस टीम आरोपी के ठिकाने के पास पहुंची, तो वहां से आगे जाने का कोई रास्ता नहीं था. लेकिन लगभग एक घंटे तक पहाड़ों में ट्रैकिंग करने के बाद पुलिस ने आखिरकार आरोपी को पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित कुमार (उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई, जो 8वीं तक पढ़ा हुआ है और मजदूरी का काम करता है. उसने ठगी के लिए कैनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक में दो फर्जी खाते खोले थे, जिनका इस्तेमाल पैसे ऐंठने के लिए किया जाता था. पैसा अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया गया था.
दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाली व्हाट्सएप वीडियो कॉल न उठाएं और किसी भी अनजान व्यक्ति को बैंक डिटेल या निजी जानकारी साझा न करें. अगर कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.
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