सीनियर IPS एसबीके सिंह को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया है. दिल्ली-यूटी काडर के एसबीके सिंह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. अभी वे होमगार्ड के डीजी हैं. उनके रिटायरमेंट में सिर्फ छह महीने बचे हैं. खास बात ये है कि रिटायरमेंट में महज 6 महीने बचे होने के बावजूद उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है जो उनके अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड को दिखाता है.
सिंह IPS संजय अरोड़ा की जगह ले रहे हैं. अरोड़ा का आज (31 जुलाई, गुरुवार) कार्यकाल खत्म हो रहा है. संजय अरोड़ा 1988 बैच के तमिलनाडु कैडर के अधिकारी हैं.
दिल्ली पुलिस में कई पदों पर रहे एसबीके सिंह
एसबीके सिंह एक प्रोफेशनल और एक्सपीरियंस्ड आईपीएस अफसर हैं. उन्हें पुलिसिंग और एडमिनिस्ट्रेशन दोनों का गहरा अनुभव है. उन्होंने अपने करियर में दिल्ली और एनसीआर में कई अहम पोस्ट पर काम किया है और बड़े-बड़े मामलों को हैंडल किया है. दिल्ली जैसे चुनौतीपूर्ण शहर में लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम रही है.
एसबीके सिंह मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी रह चुके हैं. वो दिल्ली पुलिस में स्पेशल सीपी और स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर, स्पेशल सीपी इंटेलीजेंस, ज्वाइंट सीपी क्राइम, एडिशनल सीपी ईओडब्ल्यू रह चुके हैं. एसबीके सिंह 1988 बैच के सबसे से युवा ऑफिसर थे.
गृह मंत्रालय ने क्या कहा?
गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा कि सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से आईपीएस (एजीएमयूटी 1988) एसबीके सिंह को 01.08.2025 से अगले आदेश तक दिल्ली के पुलिस आयुक्त के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है. वो वर्तमान में महानिदेशक, होमगार्ड्स, दिल्ली के पद पर तैनात हैं.
दिल्ली पुलिस कमिश्नर की रेस में शामिल हैं ये अधिकारी
दिल्ली पुलिस कमिश्नर की रेस में एसबीके सिंह के अलावा 1991 बैच के ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (जीपी सिंह), 1990 बैच के शत्रुजीत कपूर, 1992 बैच के सतीश गोलचा और 1993 बैच के प्रवीर रंजन हैं.
जीपी सिंह CRPF के DG हैं. वो असम के डीजीपी भी रह चुके हैं. कपूर इस वक्त हरियाणा के डीजीपी हैं.सतीश गोलचा तिहाड़ जेल के डीजी हैं. प्रवीर रंजन इस समय CISF में पोस्टेड हैं. इससे पहले दिल्ली पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके है. अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार किसे दिल्ली पुलिस का बॉस बनाती है.
