सोमवार (19 जनवरी) की सुबह दिल्ली-एनसीआर में अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए. सुबह करीब 8 बजकर 44 मिनट पर लोगों ने भूकंप के हल्के झटके महसूस किए. कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए. हालांकि झटके हल्के थे, इसलिए किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई.
रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई तीव्रता
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई. भूकंप का केंद्र उत्तर दिल्ली में बताया गया है. राहत की बात यह रही कि भूकंप की तीव्रता कम थी, इसी वजह से बड़ा नुकसान नहीं हुआ.
जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर था. विशेषज्ञों के मुताबिक, जब भूकंप जमीन के काफी करीब होता है तो हल्की तीव्रता के बावजूद झटके महसूस हो सकते हैं. यही कारण है कि कई लोगों ने साफ तौर पर कंपन महसूस किया.
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है दिल्ली
दिल्ली भूकंप के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में गिनी जाती है. राजधानी हाई रिस्क वाले सिस्मिक जोन-4 में आती है. ऐसे में हल्के झटकों के बाद भी लोगों का डरना स्वाभाविक है. भूकंप के बाद कुछ देर तक लोग सतर्क नजर आए और सोशल मीडिया पर भी झटकों को लेकर चर्चा होती रही.
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में हालात सामान्य हैं और किसी भी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. प्रशासन की ओर से भी किसी आपात स्थिति की सूचना नहीं दी गई है. फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा उपायों की जानकारी होनी चाहिए.
गुजरात में भी आया था भूकंप
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार (16 जनवरी) और शनिवार की दरमियानी रात कच्छ जिला में भी भूकंप दर्ज किया गया था. वहां भूकंप की तीव्रता 4.1 थी. लगातार अलग-अलग हिस्सों में आ रहे भूकंपों ने लोगों की चिंता जरूर बढ़ा दी है.