राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदलने जा रही है. दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन अब सिर्फ एक कॉरिडोर नहीं, बल्कि शहर की धड़कन बनने की ओर बढ़ रही है. सबसे लंबा रूट, सर्वाधिक इंटरचेंज स्टेशन और अत्याधुनिक ड्राइवरलेस तकनीक के साथ यह लाइन दिल्ली-NCR की आवाजाही को तेज, सुगम और ज्यादा स्मार्ट बनाने के लिए तैयार है.

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दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की मैजेंटा लाइन (लाइन-8) पारगमन संपर्क को नई मजबूती देने जा रही है. यह कॉरिडोर सर्वाधिक इंटरचेंज स्टेशनों और भूमिगत स्टेशनों के साथ मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बनेगा. इसके जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच निर्बाध और तेज आवागमन सुनिश्चित होगा.

फेज-IV और फेज-V के विस्तार से बदलेगी तस्वीर

हाल ही में स्वीकृत फेज-V (ए) के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक मैजेंटा लाइन के विस्तार को मंजूरी दी गई है. यह रूट सेंट्रल विस्टा से होकर गुजरेगा. वहीं फेज-IV के अंतर्गत इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक कॉरिडोर को भी मैजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में विकसित किया जाएगा. इस विस्तार से उत्तर, दक्षिण और मध्य दिल्ली के बीच संपर्क और मजबूत होगा.

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89 किलोमीटर लंबी होगी नई मैजेंटा लाइन

डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने बताया कि बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 89 किलोमीटर होगी. इसके साथ ही यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का सबसे लंबा कॉरिडोर बन जाएगा. पूरी तरह चालू होने के बाद यह ड्राइवरलेस तकनीक पर आधारित संपूर्ण कॉरिडोर होगा, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल बनेगा.

21 इंटरचेंज स्टेशन, कई बनेंगे ट्रिपल इंटरचेंज हब

परियोजना पूरी होने पर मैजेंटा लाइन पर कुल 21 इंटरचेंज स्टेशन होंगे. फिलहाल कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास इंटरचेंज स्टेशन के रूप में कार्यरत हैं. फेज-IV और फेज-V (A) के तहत 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जोड़े जाएंगे, जिनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, टर्मिनल-1 आईजीआई एयरपोर्ट, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, इंद्रप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक शामिल हैं.

इनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किए जाएंगे, जिससे यात्रियों को कई लाइनों के बीच आसान बदलाव की सुविधा मिलेगी.

65 स्टेशन, जिनमें 40 होंगे भूमिगत

मैजेंटा लाइन पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 स्टेशन भूमिगत होंगे. यह संख्या इसे भूमिगत स्टेशनों के लिहाज से भी दिल्ली मेट्रो का सबसे बड़ा कॉरिडोर बनाएगी. भूमिगत नेटवर्क से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यातायात दबाव कम करने में मदद मिलेगी.

यात्रा समय घटेगा, ट्रैफिक दबाव कम होगा

मैजेंटा लाइन की व्यापक इंटरचेंज सुविधा से यात्रा दूरी और समय दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी. प्रमुख कॉरिडोरों पर यातायात का दबाव घटेगा. इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बन सकेगी.

इंजीनियरिंग के दो अनोखे रिकॉर्ड भी इसी लाइन के नाम

मैजेंटा लाइन तकनीकी उपलब्धियों के लिए भी जानी जाती है. हैदरपुर बादली मोड़ स्टेशन दिल्ली मेट्रो का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन है, जहां रेल स्तर की ऊंचाई लगभग 28.362 मीटर है. वहीं हौज खास स्टेशन नेटवर्क का सबसे गहरा भूमिगत स्टेशन है, जो करीब 29 मीटर की गहराई पर स्थित है. ये दोनों उपलब्धियां इस कॉरिडोर की जटिल इंजीनियरिंग और तकनीकी उत्कृष्टता को दर्शाती हैं.