दिल्ली के मालवीय नगर थाना इलाके से हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां खिरकी एक्सटेंशन में शनिवार (30 अगस्त) को 2 युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया.

इस हमले में एक युवक, जिसकी पहचान 19 साल के विवेक के रूप में हुई है, की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा अमन (21 साल) गंभीर रूप से घायल हो गया. दोनों सेलेक्ट सिटी मॉल स्थित एक रेस्टोरेंट में काम करते थे.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची

पुलिस के मुताबिक, 29 अगस्त की देर रात करीब 2:08 बजे PCR को कॉल मिली कि दो लड़कों को चाकू मारा गया है और वे सड़क पर खून से लथपथ पड़े हैं. यह घटना जे ब्लॉक, खिरकी एक्सटेंशन इलाके में हुई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची.

इसी दौरान 2:25 पर मदन मोहन मालवीय अस्पताल से खबर आई कि एक युवक को गंभीर हालत में लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की पहचान विवेक (19 साल) के रूप में हुई, जबकि दूसरे युवक अमन का ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है.

CCTV से मिला चाकू लेकर घूम रहे चार लड़कों का सुराग

इससे पहले कि इस मामले में पुलिस कोई कार्रवाई करती, एक और PCR कॉल मालवीय नगर पुलिस को मिली, जिसमें कहा गया कि चार लड़के चाकू लिए हाथों पर खून के धब्बों के साथ JD ब्लॉक के पास लूटपाट कर रहे हैं.

इस घटना के बाद जब पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले तो पता चला कि विवेक और अमन पर हमला करने वाले 4 आरोपियों ने ही लूटपाट की वारदात को भी अंजाम दिया. इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश डाल रही है.

मृतक युवक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक विवेक, जो मूल रूप से आगरा का रहने वाला था, खिरकी एक्सटेंशन में परिवार के साथ रहता था. वह स्थानीय रेस्टोरेंट ‘पॉट पॉट’ में काम करता था. विवेक के पिता गार्ड का काम करते हैं.

वहीं घायल अमन गुप्ता कॉलोनी का रहने वाला है. उसके पिता का निधन हो चुका है और वह ‘टेबल स्पून’ नामक रेस्टोरेंट में नौकरी करता है. उसकी मां गृहिणी हैं. इस घटना के बाद से मृतक युवक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. 

परिजन पुलिस से इंसाफ की गुहार लगा रहे

परिजन इस मामले में अब तक की गई पुलिस की कार्रवाई से भी असंतुष्ट नजर आ रहे हैं. उनका कहना है कि विवेक बहुत अच्छा और काम-काज वाला लड़का था. आरोपियों ने क्यों उसकी जान ले ली, उन्हें समझ नहीं आ रहा है. कोई दिक्कत थी तो वे घर आकर बात करते, या ज्यादा गुस्सा था तो मारते-पीटते, हाथ-पैर तोड़ देते, लेकिन जान क्यों ले ली.

परिजनों की मानें तो हमलावर मॉल से पीछा करते हुए उनकी गली तक आए और फिर मौका देख कर उन पर हमला कर दिया. रुआंसे गले से उन्होंने कहा कि विवेक परिवार के लिए बहुत कुछ करना चाहता था, लेकिन बेरहमों ने उनके बुढ़ापे और भविष्य का सहारा ही उनसे छीन लिया. अब वे पुलिस से इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं.