दिल्ली में कूड़े के पहाड़ को खत्म करने की बात एक बार फिर सामने आई है. इस बार दिल्ली की बीजेपी सरकार ने ये ऐलान किया है कि कूड़े के पहाड़ अब ज्यादा दिन तक नहीं रहेंगे. 27 अगस्त को दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए गए कि तीनों कूड़े के पहाड़ दिसंबर 2026 तक पूरी तरह हटा दिए जाएं.
इसके साथ ही ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान की समयसीमा 2 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है. बैठक में कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, मेयर राजा इकबाल सिंह और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
बैठक में लिए गए अहम निर्णय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राजधानी की सफाई और सौंदर्यीकरण पर जोर दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि दिल्ली को स्वच्छ बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे.
तीनों कूड़े के पहाड़ों को दिसंबर 2026 तक पूरी तरह हटाने का निर्देश. ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान को 2 अक्तूबर तक बढ़ाया गया. नगर निगम के पार्कों के विकास और सौंदर्यीकरण को तेज करने के निर्देश.
अभियान की शुरुआत और लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 अगस्त से ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान की शुरुआत की थी. इस पहल का उद्देश्य राजधानी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है. अभियान की शुरुआत कश्मीरी गेट स्थित विभागीय कार्यालय से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने सचिवालय की स्थिति पर असंतोष जताते हुए कहा कि नया सचिवालय बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी. उन्होंने बताया कि नए सचिवालय के लिए स्थान की पहचान की जाएगी, जिससे सभी विभाग एक ही परिसर में काम कर सकें.
दिल्ली के लिए बड़ा बदलाव
इस फैसले का असर दिल्ली के करोड़ों निवासियों पर होगा. कूड़े के पहाड़ों से निकलने वाली गैस और बदबू से राहत मिलने के साथ पर्यावरणीय खतरे भी कम होंगे. साथ ही, पार्कों के विकास और सफाई अभियानों से दिल्ली की छवि बेहतर होगी. सरकार का कहना है कि तय समयसीमा में सभी परियोजनाएं पूरी की जाएंगी, ताकि दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके.