नशे और रफ्तार का कॉकटेल कितना खतरनाक होता है इसकी बानगी एक बार फिर से देखने को मिली राजधानी दिल्ली के मोती नगर थाना इलाके में, जहां सड़क के किनारे खड़े पल्सर बाइक सवार को थार चालक ने नशे में इतनी तेज रफ्तार से टक्कर मारी की बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई.
इस मामले में मृतक शख्स की पहचान अजय उर्फ भिक्षु लाल के रूप में हुई है. वह मूलरूप से यूपी के उन्नाव का रहने वाला था और दिल्ली में किराड़ी स्थित प्रेमनगर के गली नम्बर 15 में अपने परिवार के साथ रह रहा था.
टक्कर कितनी जबरदस्त रही होगी, इसका अंदाजा थार जैसी मजबूत गाड़ी की हालत को देखकर लगाया जा सकता है. इस दुर्घटना में थार गाड़ी के दाईं तरफ का हिस्सा भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया. टक्कर के बाद, गाड़ी के एयरबैग्स खुल गए थे, जिससे थार चालक इस हादसे में बच गया और गाड़ी को मौके पर ही छोड़ कर वहां से फरार हो गया. चालक ने शराब पी रखी थी और वह काफी नशे में था इसकी पुष्टि गाड़ी में पड़ी शराब की बोतलों से होती है.
थार चालक की तलाश में कई टीमें गठित
डीसीपी विचित्र वीर के मुताबिक, घटना 15-16 अगस्त की दरम्यानी रात की है. जिसमें भिक्षु लाल नाम के शख्स की मौके पर ही मौत हो गयी. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और अचेत अवस्था मे खून से लथपथ पड़े शख्स को अस्पताल लेकर गयी, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने बताया कि, इस मामले में संबंधित धाराओं में मोती नगर थाने में मामला दर्ज कर दुर्घटनाग्रस्त थार को जब्त कर लिया गया है. वहीं, घटना के बाद से फरार हुए आरोपी चालक की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं, और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
पांच मिनट में घर लौटने की बात कहकर निकला था अजय
हादसे की जानकारी के बाद से मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा है कि अजय उर्फ भिक्षु अब इस दुनिया में नहीं रहा. मृतक की बहन किरण ने बताया कि, वह अस्पताल से किसी से मिल कर 5 मिनट में लौट आने की बात कह कर निकला था. लेकिन रात भर नहीं लौटा. सुबह उसके फोन को पुलिस ने रिसीव किया तब उन्हें घटना की जानकारी मिली. बताया जा रहा है कि, उसके छोटे-छोटे बच्चे हैं और अपने परिवार में वह इकलौता कमाने वाला था.
अनाथ हुए बच्चे, परिजनों की बिखरी जिंदगी
अगर यह हादसा नहीं हुआ होता तो अजय निश्चित ही रात को अपने घर लौट जाता और आज काम पर जाकर अपने परिवार और छोटे-छोटे बच्चों के लिए रोटी की व्यवस्था करता. लेकिन नशे और रफ्तार के जुनून ने न केवल असमय एक शख्स की जान ले ली बल्कि कई जिंदगियों को भी तबाह कर दिया. खास तौर पर अनाथ हुए उन बच्चों की, जिन्हें शायद अब तक अच्छी तरह यह भी समझ मे नहीं आया होगा कि, उन्हें दुलारने, उनकी इच्छाओं को पूरी करने वाला उसका पिता अब इस दुनिया मे नहीं रहा और कभी लौट कर नहीं आएगा.