Delhi Congress News: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में लगातार तीसरी बार खाता ना खोल पाने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस को हार से बड़ा झटका लगा है. यही वजह है कि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए  पार्टी के नेता अभी से जुट गए हैं. इस रणनीति के तहत दिल्ली कांग्रेस ने ब्लॉक और जिला कांग्रेस कमेटी की नियमित बैठक फिर से शुरू कर दी है.

बीते 2 मार्च को 258 ब्लॉक और गुरुवार को दिल्ली के 14 जिलों में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठकों में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. साथ ही इन बैठकों में पूर्व सांसदों, दिल्ली के पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, पूर्व और वर्तमान नगर निगम पार्षदों और पदाधिकारियों समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया.

पार्टी को पहले की स्थिति में लाने पर जोर

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि मासिक ब्लॉक और जिला कांग्रेस कमेटी की बैठकें फिर से शुरू होने से राजधानी में जमीनी स्तर पर पार्टी को पुनर्जीवित किया जा सकेगा. देवेंद्र यादव ने कहा कि विधानसभा चुनावों के कारण पिछले कुछ महीनों से बैठकें नहीं हो पाई थीं, लेकिन फिर से बैठक शुरू होने के बाद से कांग्रेस कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया उत्साहजनक देखने को मिली है.

संगठन में बदलाव के संकेत

देवेंद्र यादव ने आगे कहा कि ब्लॉक एवं जिला कांग्रेस कमेटी की बैठकों में दिए गए सुझावों एवं विचारों को ध्यान में रखते हुए पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी. पार्टी जब जमीनी स्तर पर पार्टी को पुनर्जीवित करने के अभियान पर निकलेगी तो हाल के विधानसभा चुनावों के दौरान संगठन की ताकत एवं कमजोरियों पर ध्यान दिया जाएगा. पार्टी को मजबूत करने के लिए जहां भी जरूरी होगा, बदलाव किए जाएंगे.

दिल्ली की नई सरकार बीजेपी को घेरने की रणनीति को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने नया खाका पेश किया. उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि दिल्ली कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्षी पार्टी के रूप में बीजेपी सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने और विकास कार्यों को फिर से शुरू करने में असफल रहने पर जनता की आवाज बुलंद करेगी.

कांग्रेस जनता की आवाज को करेगी बुलंद

दिल्ली की जनता को हम बीजेपी सरकार को खोखले भाषणों के भरोसे नहीं छोड़ेंगे बल्कि उनकी आवाज को बुलंद करेंगे. जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए बीजेपी को मजबूर किया जाएगा. सबसे पहले सरकार को अपनी घोषणा के अनुसार राजधानी की प्रत्येक महिला के खाते में हर महीने 2500 रूपए जमा करने और रुकी हुई जनकल्याणकारी पेंशनों का वितरण फिर से बहाल कराने का काम कांग्रेस करेगी.

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