राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन को हाईटेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है. अब बस स्टॉप सिर्फ यात्रियों के खड़े होने की जगह नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, तकनीक और सुविधा से लैस स्मार्ट शेल्टर्स के रूप में नजर आएंगे. 

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दिल्ली सरकार ने शहरभर के 3575 बस शेल्टर्स को आधुनिक सुविधाओं के साथ अपग्रेड करने की योजना तैयार की है, जिस पर करीब 650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

बस का इंतजार अब होगा ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक

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नई योजना के तहत बस शेल्टर्स में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर खास ध्यान दिया जाएगा. यहां पैनिक बटन लगाए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. इसके साथ ही डिजिटल पब्लिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानी PIS डिस्प्ले भी लगाए जाएंगे, जिन पर बसों की लाइव जानकारी के साथ मौसम से जुड़े अपडेट भी दिखाई देंगे.

सोलर पैनल से लैस होंगे नए बस शेल्टर्स

दिल्ली सरकार इन बस शेल्टर्स को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी काम कर रही है. इसके लिए शेल्टर्स की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. सरकार का उद्देश्य है कि ये ढांचे सिर्फ यात्रियों को छांव देने तक सीमित न रहें, बल्कि स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा बनें.

यात्रियों के बैठने की बेहतर व्यवस्था पर जोर

नई डिजाइन में यात्रियों के आराम को भी प्राथमिकता दी गई है. बस शेल्टर्स में मजबूत बैक-रेस्ट और आरामदायक बेंच बार लगाए जाएंगे ताकि लोगों को लंबे इंतजार के दौरान परेशानी न हो. इसके अलावा डिजिटल विज्ञापन पैनल और पैनिक अलार्म सिस्टम जैसी सुविधाएं भी इन शेल्टर्स का हिस्सा होंगी.

सर्वे के बाद शुरू होगी निर्माण प्रक्रिया

परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंपनी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कंपनी तय होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक विभिन्न इलाकों का सर्वे किया जाएगा. इसके आधार पर यह तय होगा कि किस जगह किस तरह का बस शेल्टर बनाया जाए. इसके बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे.

इलाके के हिसाब से तैयार होंगे डिजाइन

सरकार का कहना है कि सभी बस शेल्टर्स का डिजाइन एक जैसा नहीं होगा. हर इलाके की जरूरत, यात्री संख्या और स्थानीय परिवेश को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग डिजाइन तैयार किए जाएंगे ताकि शेल्टर्स अधिक उपयोगी और आकर्षक बन सकें.

20 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास

जिस कंपनी को डिजाइन और निर्माण का काम मिलेगा, वही अगले 20 वर्षों तक इन बस शेल्टर्स के रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेगी. अधिकारियों के मुताबिक साल के आखिर तक राजधानी में इन स्मार्ट बस शेल्टर्स का असर जमीन पर दिखना शुरू हो जाएगा. यात्रियों को न सिर्फ आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बसों के आने का सटीक समय भी आसानी से पता चल सकेगा.