Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. इस कायराना हरकत में कई पर्यटकों की जान चली गई, जिससे दिल्ली के व्यापारी मंडल में गुस्सा और दुख दोनों छाया हुआ है. इसी गम और गुस्से को दिखाने के लिए दिल्ली के व्यापारियों ने बड़ा फैसला लिया है. 

22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद दिल्ली के व्यापारियों ने चांदनी चौक में एक अहम बैठक की. ये बैठक 132 साल पुरानी संस्था ‘दिल्ली हिन्दुस्तानी मर्कन्टाइल एसोसिएशन’ के बैनर तले हुई. इसमें बड़े-बड़े व्यापारी नेता जैसे देवराज बवेजा, अजय शर्मा, परमजीत सिंह, हेमंत गुप्ता और प्रमोद अग्रवाल शामिल हुए. सबने एक सुर में हमले की निंदा की और सरकार से आतंकियों के खिलाफ सख्त एक्शन की मांग की. 

बैठक में फैसला हुआ कि 25 अप्रैल को चांदनी चौक, सदर बाजार और आसपास के बाजार बंद रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसके अलावा, शाम 6 बजे चांदनी चौक के टाउन हॉल घंटाघर से लाल किला तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा. हाथ में मोमबत्ती लेकर व्यापारी अपनी नाराजगी और शोक जाहिर करेंगे. 

सुबह 11.00 बजे 12 टूटी चौक पर व्यापारी जमा होंगे और जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे. फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेड्स एसोसिएशन के चेयरमैन परमजीत सिंह पम्मा और अध्यक्ष राकेश यादव ने ऐलान किया कि "ये सिर्फ हमला नहीं, हमारे देश की शांति पर चोट है. हम चुप नहीं बैठेंगे. 

आतंक के खिलाफ बाजार बंद

चांदनी चौक की बैठक और कैंडल मार्च के बाद व्यापारियों ने पूरे दिल्ली में बंद की घोषणा कर दी. उनका कहना है कि ये सिर्फ दुकानें बंद करना नहीं, बल्कि देश की एकता और शांति के लिए उठाया गया कदम है. पहलगाम में जो हुआ, उसे भुलाया नहीं जा सकता और व्यापारी इस दुख में मृतकों के परिवारों के साथ खड़े हैं. 
 
पहलगाम हमले के बाद से दिल्ली के बाजारों में सन्नाटा और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है. व्यापारी अपनी रोजी-रोटी से ज्यादा देश की इज्जत और सुरक्षा की बात कर रहे हैं. यह प्रदर्शन उनकी नाराजगी का सबूत है. सबकी एक ही मांग है- "आतंक को खत्म करो, देश को बचाओ."