कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज केस को वापस नहीं लेने पर फिर से प्रदर्शन की चेतावनी दी है. सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका साफ तौर से कहा है कि मंगलवार (28 जुलाई) तक लिखित समझौता नहीं मिला तो फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा. वहीं इसके बाद एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कायम रहेगी. 

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समझौते का पूरी तरह हो रहा उल्लंघन- आशुतोष रांका

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ''हम प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं करने के संबंध में समझौते का पूर्ण उल्लंघन देख रहे हैं. बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, और दिल्ली और अन्य राज्यों में सैकड़ों छात्रों पर निगरानी रखी जा रही है या उनका उत्पीड़न किया जा रहा है. दिल्ली में प्रदर्शनकारियों का रसद से समर्थन करने वाले स्वयंसेवकों की हिरासत की कई खबरें भी सामने आ रही हैं.”

'केस तुरंत वापस लें और छात्रों को रिहा करें'

उन्होंने कहा, ''हमारी मांग है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियां तुरंत वापस ली जाएं, छात्रों को रिहा किया जाए और (हमारे समझौते के अनुसार) दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियों या भाजपा-शासित राज्यों की पुलिस की ओर से भविष्य में कोई प्राथमिकी दर्ज न की जाए. ऐसा न होने पर हम दोबारा विरोध-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.''

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दिल्ली में संवेदनशील स्थानों के आसपास सुरक्षा कड़ी

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जंतर मंतर और नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली में अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास दिल्ली पुलिस के कर्मियों और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती रहेगी. अधिकारी ने कहा, ''मौजूदा स्थिति पर नजर रखने और जंतर-मंतर क्षेत्र और उसके आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को तैनात किया जाएगा. हालांकि, जंतर-मंतर निर्धारित विरोध स्थल है और वहां हमेशा सुरक्षा कड़ी रहती है.''

सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है- दिल्ली पुलिस

अधिकारी ने ये भी कहा कि पुलिस स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है. रांका ने कहा, ''अगर मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिला तथा आंदोलन के सिलसिले में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों और आयोजकों को रिहा नहीं किया गया, तो सीजेपी को 'फिर से विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा.''

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