झारखंड में JPSC एग्जाम में अनियमितताओं का विरोध कर रहे छात्र और अभ्यर्थी 14 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं. यह प्रदर्शन झारखंड में हाल के वर्षों में सबसे बड़ा छात्र आंदोलन बनता दिख रहा है. अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा किए गए जंतर-मंतर प्रोटेस्ट को इस आंदोलन की प्रेरणा की तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में लोगों का सवाल है कि झारखंड के लिए सीजेपी क्या कर रही है?
इस सवाल का जवाब देते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने बड़ी जानकारी दी है. अभिजीत दीपके ने कहा, "हम उन्हें पूरा समर्थन देते हैं. हमारे प्रतिनिधिमंडल ने वहां का दौरा किया है और हमारे लोग वहां खाना बांट रहे हैं. हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और उनकी सभी मांगों का समर्थन करते हैं. मैं भी वहां जाने का इरादा रखता हूं." हालांकि, दीपके ने तबीयत का हवाला देते हुए बताया कि वह तुरंत झारखंड जाने में असमर्थ हैं.
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'ये छात्र अपने आप में नेता हैं'- अभिजीत दीपके
इतना ही नहीं, अभिजीत दीपके ने आगे कहा, "कई छात्र विरोध प्रदर्शन के लिए आगे आ रहे हैं. मेरा मानना है कि वे अपने आप में नेता हैं और उन्हें पहचान मिलनी चाहिए. यह जरूरी नहीं है कि हर जगह अभिजीत ही सबसे आगे रहे. वे भी काम कर रहे हैं और उन्हें भी बराबर पहचान मिलनी चाहिए."
दीपके ने कहा, "हम नहीं चाहते कि सारा श्रेय सिर्फ CJP को मिले. हम चाहते हैं कि छात्र खुद आगे आएं और विरोध प्रदर्शन करें. हम चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों और देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए लड़ें."
AISA नेता पर फेंकी गई स्याही
जानकारी के लिए बता दें कि JPSC की मांगों को लेकर छात्र संगठनों ने विधानसभा घेराव का आह्वान किया है. AISA समेत कई छात्र संगठन बिरसा मुंडा चौक से विधानसभा की ओर रवाना हुए. इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन में शामिल हुए. वहीं, AISA नेशनल प्रेसिडेंट नेहा बोरा भी घेराव कार्यक्रम में पहुंचीं और छात्रों से मुलाकात की. इस दौरान नेहा पर किसी ने स्याही भी फेंकी है जिसके बाद प्रदर्शनस्थल पर हंगामा हो गया.
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