Delhi News: दिल्ली नगर निगम मेयर चुनाव में बाद सदन की पहली बैठक में मंगलवार यानी 2 मई बीजेपी पार्षदों ने जमकर हंगामा मचाया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के सौंदर्यीकरण के मुद्दे पर हंगामे के बीच 60 फीट चौड़ी सड़कों की साफ-सफाई, नालियों से गाद निकालने की सेवा एमसीडी से लेकर लोक निर्माण विभाग हस्तांतरित करने सहित कई प्रस्तावों को एक ही झटके में मंजूरी दे दी. बीजेपी ने आरोप लगाया कि महापौर शैली ओबरॉय ने एमसीडी की बैठक ‘असंवैधानिक’ तरीके से बुलाई इसलिए सदन की कार्यवाही रद्द की जाए. इस बात बीजेपी पार्षदों ने निगम सचिव को एक पत्र भी लिखा है.
एमसीडी सदन में मंगलवार को पारित प्रस्तावों में 60 फीट चौड़ी सड़क के किनारे सफाई, झाड़ू लगाने, फुटपाथ की धुलाई और किनारे की नालियों की गाद निकालने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को देना भी शामिल है, जो अबतक एमसीडी के पास थी. बीजेपी ने प्रस्तावों का विरोध किया और आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) की मंशा एमसीडी को दिल्ली सरकार के एक विभाग में तब्दील करने की है. प्रस्ताव को सदन में बिना किसी चर्चा के कुछ मिनटों में पारित कर दिया गया.
बीजेपी पार्षदों ने सीएम आवास के मसले पर मचाया घमासान
एमसीडी सदन निर्धारित समय दो बजकर 30 मिनट से आधे घंटे की देरी से शुरू हुई. सदन की कार्यवाही में 12 प्रस्ताव पेश किए गए. सदन की कार्यवाही शुरू होते ही बीजेपी पार्षदों ने केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर साल 2020 से 2022 के बीच कथित तौर पर 45 करोड़ रुपये खर्च करने का मुद्दा उठाया. इस बीच महापौर शैली ओबरॉय द्वारा सदन में व्यवस्था बनाए रखने की सभी पार्षदों से अपील की. ताकि तय एजेंडा के अनुरूप सदन का संचालन संभव हो सके. उन्होंने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले की निंदा की और उसमें मारे गए 10 पुलिसकर्मियों व एक आम नागरिक को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट के मौन का आह्वान किया. इसके बाद शोर-शराबे को देखते हुए सदन की कार्यवाही को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई.
12 में से 10 प्रस्ताव पारित
आप पार्षदों ने सदन को सूचित किया कि टोल कर को लेकर शामिल प्रस्ताव को रोक दिया गया, क्योंकि उसमें कुछ बदलाव की जरूरत है. इस बीच, बीजेपी पार्षदों ने नगर निगम सचिव को पत्र लिखकर कर कहा कि कोई नहीं जानता कि विषयों का क्या हुआ. मंगलवार को सदन की कार्यवाही अमान्य है, क्योंकि तय प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया. बीजेपी पार्षदों ने अपने पत्र में कहा कि आज विषयों को पारित कराने के लिए अवैध प्रक्रिया अपनाई गई, जिसे रद्द किया जाना चाहिए. अन्य विषयों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण प्रबंधन सेवा, लाइसेंस, समुदायिक सभागार और अन्य 25 अहम समितियों के संविधान से जुड़ा था.
बता दें कि पिछले महीने 26 तारीख को आम आदमी पार्टी प्रत्याशी शैली ओबरॉय के महापौर पद पर फिर निर्वाचित होने के बाद एमसीडी सदन की यह पहली बैठक थी.
यह भी पढ़ें: Delhi: दिल्ली में बन रहे इस स्कूल में एक साथ पढ़ेंगे 1000 बच्चे, शिक्षा मंत्री आतिशी ने BJP को दिया ये चैलेंज
