छत्तीसगढ़ के शिवनंदनपुर और विश्रामपुर में पिछले दो दिनों से जारी सियासी घमासान आखिरकार कांग्रेस के पक्ष में जाता दिखाई दिया. कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट मामले को लेकर शुरू हुए आंदोलन के बाद प्रशासन को कांग्रेस की तीनों प्रमुख मांगें माननी पड़ीं. इसके बाद आज (27 मई) धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया. पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कांग्रेस नेताओं की क्रमिक भूख हड़ताल भी समाप्त करा दी गई.

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नारियल पानी पिलाकर तोड़ी गई आमरण अनशन भूख हड़ताल

मंगलवार (26 मई) देर रात आंदोलन स्थल पर प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच चली बातचीत के बाद माहौल बदला. इसके बाद आज पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को नारियल पानी पिलाकर आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कराई गई. आंदोलन स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जनता और लोकतंत्र की जीत बताते हुए जमकर नारेबाजी की.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच नरेंद्र जैन की पत्नी श्रीमती मधु जैन द्वारा विश्रामपुर थाना में दिए गए आवेदन पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 0136/2026 दर्ज किया. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 और 351(3) के तहत भाजयुमो से जुड़े मितल पांडेय और उसके साथी मुकेश साहू उर्फ छोटू के खिलाफ मामला कायम किया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे आंदोलन की पहली बड़ी सफलता बताया था.

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छत्तीसगढ़ में राजनीति तेज, टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर क्यों बैठे? दीपक बैज करेंगे भूख हड़ताल 

हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता ने बीजेपी और प्रशासन पर साधा निशाना

धरना स्थल मंगलवार को पूरी तरह राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में तब्दील दिखाई दिया. तपती धूप और गर्म हवाओं के बीच हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता आंदोलन स्थल पर डटे रहे. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम समेत कई वरिष्ठ नेता विश्रामपुर पहुंचे और बीजेपी सरकार व पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा.

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत चुनाव के दौरान विपक्षी नेताओं को दबाने और राजनीतिक माहौल प्रभावित करने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई थी. मंच से बीजेपी सरकार पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और विपक्ष की आवाज दबाने के आरोप लगाए गए.

मधु जैन ने अपने आवेदन में आरोप लगाया था कि बीजेपी कार्यकर्ता मितल पांडेय ने चुनाव में बीजेपी प्रत्याशियों की जीत का दावा करते हुए नरेंद्र जैन को उकसाया, कांग्रेस का प्रचार नहीं करने का दबाव बनाया और विरोध करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी. बीच-बचाव करने पहुंचीं मधु जैन के साथ भी अभद्र व्यवहार करने और बीजेपी सत्ता की धौंस दिखाने का आरोप लगाया गया था.

दो दिनों तक चले आंदोलन को कांग्रेस ने बड़ी जीत बताई

इधर कांग्रेस ने दावा किया है कि प्रशासन ने नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट मामले में कार्रवाई की समीक्षा, मधु जैन की शिकायत पर एफआईआर और थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई सहित तीनों मांगों पर सहमति जताई है. हालांकि प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है.

कुलमिलाकर विश्रामपुर और शिवनंदनपुर में दो दिनों तक चले इस हाईवोल्टेज राजनीतिक संघर्ष ने पूरे जिले की राजनीति को गर्मा दिया. कांग्रेस इसे अपनी बड़ी राजनीतिक जीत बताकर बीजेपी सरकार पर हमलावर है, जबकि प्रशासन पूरे घटनाक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त होने की बात कह रहा है.

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