आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों के पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने को लेकर सियासी बयाानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंह देव ने अब इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि यह अवसरवादिता है और यह बीजेपी के ऑपरेशन लोटस की एक और मिसाल है, जो इस अवसर में रहते हैं कि कैसे एन-केन प्रकारेण सत्ता में बने रहें और उससे कैसे लाभ लिया जाए.

Continues below advertisement

उन्होंने राघव चढ्ढा पर भी निशाना साधा और कहा कि जिस पार्टी के खिलाफ लड़ते रहे, जिसे गुंडा कहा उसी का हिस्सा बनकर वो देश को अवसरवादिता का संदेश दे रहे हैं. उन्होंने में न्यूज एजेंसी  IANS  से बातचीत में कहा, "यह अवसरवादिता है. यह बीजेपी के ऑपरेशन लोटस की एक और मिसाल है. एन-केन प्रकारेण सत्ता में कैसे बने रहें और उससे कैसे लाभ लिया जाए, और इसके उदाहरण एक के बाद एक सामने आ रहे हैं."

Continues below advertisement

राघव चढ्ढा को घेरा

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टी. एस. सिंह देव ने आगे कहा, "देश का राजनीतिक चरित्र तेजी से और गहराई से गिरा है, इस बात का दुख है. बाकि तो आना-जाना लगा रहता है. ये जो लड़का गया है आम आदमी से बोलता ठीक है, पढ़ा लिखा है,  लेकिन ये कहते थे कि बीजेपी गुंडों की जमात है.  यह ऑन रिकॉर्ड है, और जिनके खिलाफ नीतिगत मुद्दों पर खुलकर बोलते थे. अब ये कह रहे हैं कि आम आदमी पार्टी अपने सिद्धांतों से भटक गई है, इसलिए वे दूसरी पार्टी में शामिल हो गए."

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आगे कहा, "यदि AAP पार्टी आपको अपने सिद्धांतों से भटकते दिखाई दे रही थी तो अपनी पार्टी बनाते, कुछ और विकल्प देखते. जिनके विरूद्ध आपने सारे चुनाव लड़े, जन प्रतिनिधि बने उसी में शामिल होकर आप देश की जनता के सामने क्या सिद्धांत रख रहे हो अवसरवादिता के?" गौर हो कि AAP छोड़ने के बाद राघव चड्ढा समेत AAP के 3 सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. राघव चढ्ढा ने कई बार अपने बयानों में बीजेपी का विरोध किया है और आज जब वो उसी पार्टी में शामिल हो गए तो चारों तरफ से घिर गए हैं. 

उल्टा पड़ सकता है राघव चड्ढा का दांव? AAP करेगी 3 सांसदों को अयोग्य की मांग, समझिए दल-बदल कानून