Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तोयनार फरसेगढ़ इलाके में चल रहे सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे CAF जवान मनोज पुजारी की नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर बम की चपेट में आने से शहीद हो गए. कुछ दिन पहले ही तोयनार से फरसेगढ़ के बीच रोड का निर्माण शुरू हुआ है, मोरमेड फ़रसेगढ़ जंगल की ओर जवानों को निशाना बनाने के लिए पहले से ही नक्सलियो ने आईईडी प्लांट कर रखा था.
जिसमें CAF के जवान का पैर पड़ने से आईईडी ब्लास्ट हो गया और जवान शहीद हो गया, जानकारी के मुताबिक शहीद जवान मनोज पुजारी CAF 19 वीं बटालियन का जवान था, बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने घटना की पुष्टि की है.
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना तोयनार थाना क्षेत्र के मोरमेड के जंगल में हुई, जो तोयनार से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. घटना के बाद से सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन अभियान जारी रखा है. पूरे बस्तर क्षेत्र में माओवादियों के सफाए के लिए एंटी नक्सल अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान के तहत जवान घने जंगलों में नक्सलियों की खोज में तलाशी अभियान चला रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह स्पष्ट किया था कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह से खात्मा कर दिया जाएगा. लेकिन स्थिति को देखते हुए सरकार अभी भी नक्सलवादी हमलों पर लगाम लगाने में पूरी तरह सफल नहीं हो पा रही है
आत्मसमर्पण के बाद भी जारी हैं हिंसक हमले
बढ़ते दबाव के चलते कई नक्सली हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके हैं, लेकिन अपनी उपस्थिति जताने के लिए वे आईईडी विस्फोट जैसे हिंसक तरीकों का सहारा ले रहे हैं. हाल ही में माओवादियों ने एक पर्चा जारी कर ग्रामीणों को पहाड़ी इलाकों में न जाने की चेतावनी दी है. इस कथित पर्चे में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए पहाड़ों में आईईडी बिछाने का उल्लेख किया गया है.
जनवरी 2025 में बीजापुर जिले के बेदरे-कुटरू मार्ग पर नक्सलियों ने जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के वाहन को आईईडी से विस्फोट कर उड़ा दिया था. इस हमले में सुरक्षा बल के 8 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए थे. इसी वर्ष एक इंटरव्यू के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.
सरकारी दावे असफल
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी भरोसा दिलाया था कि नक्सलवाद का अंत किया जाएगा. उनकी सरकार नक्सलवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ रही है. उन्होंने नक्सलियों से अपील की थी कि वे हथियार छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हों. हालांकि, राज्य और केंद्र सरकार नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध हैं और योजनाबद्ध तरीके से सुरक्षा अभियान चला रही हैं.
लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इसके दावों से मेल नहीं खाती बस्तर जैसे इलाकों में बार-बार हो रहे IED ब्लास्ट यह संकेत देते हैं कि सुरक्षा व्यवस्था अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं हो पाई है हर साल दर्जनों जवानों की शहादत और आम नागरिकों की जान जाना इस बात का प्रमाण है कि नक्सलियों पर लगाम लगाने में सरकार अभी तक पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है.
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