Corona Guidelines in Durg: छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. मरीजों की संख्या में रोजाना बढ़ोतरी से चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं. ऐसे में दुर्ग कलेक्टर डॉक्टर सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने जिले के तमाम स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया है. कई निर्देश देने के साथ ही दुर्ग जिले में 7 तारीख से गाइडलाइन लागू होगी. 16 बिंदुओं पर आधारित कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन पर सजा का प्रावधान किया गया है.
16 बिंदुओं पर कोरोना गाइडलाइन जारी
- दुर्ग जिला अंतर्गत रात 9.00 बजे से सुबह 6.00 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया जाता है. लेकिन कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए थोक व्यापार, सब्जी मंडी, लोडिंग अनलोडिंग की अनुमति होगी. पेट्रोल पंप, दवाई दुकान, दवाई की डिलीवरी, एम्बुलेंस को प्रतिबंध से छूट होगा और पहले की तरह नियमित समयानुसार संचालित रहेंगे.
- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी आईटम, फूड कोर्ट और अन्य खाद्य संबंधी प्रतिष्ठान रात्रि 11.00 बजे तक संचालित होंगे. फूड की होम डिलीवरी 11.00 बजे तक की जा सकेगी.
- नगर निगम एवं अन्य नगरीय निकाय सीमा क्षेत्र के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग या मुख्य सड़क मार्ग में स्थित ढाबे रात्रि 11.00 बजे के बाद भी ट्रक, बस और अन्य वाहनों के लिए संचालित हो सकेंगे.
- दुर्ग जिला अंतर्गत सभी प्रकार के धरना, रैली, जुलूस, सार्वाजनिक/सामाजिक कार्यक्रम (विवाह एवं अन्त्येष्टि को छोड़कर) सांस्कृतिक/धार्मिक कार्यक्रम, खेलकूद, मेला- मंडाई या अन्य प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम बैन होंगे.
- छत्तीसगढ़ शासन के आदेशानुसार कार्यक्रम स्थलों पर अधिकतम एक तिहाई क्षमता की अनुमति होगी. 100 से 200 व्यक्तियों के शामिल होने पर एक दिन पहले नजदीकी थाना/जोन कार्यालय/ नगरीय निकाय को सूचना दिया जाना अनिवार्य होगा. कार्यक्रम में 200 व्यक्तियों से अधिक की मौजूदगी होने पर जिला कलेक्टर की लिखित पूर्वानुमति की जरुरत पड़ेगी.
- दुर्ग जिला अंतर्गत समस्त स्कूल, अंगनबाडी केन्द्र, लाइब्रेरी, स्वीमिंग पूल बंद रहेंगे. वैक्सीनेशन के लिए 15 से 18 वर्षीय बच्चों को स्कूल परिसर में कोविड गाइडलाइन और फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बुलाया जा सकता है. कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन माध्यम से करने की इजाजत होगी.
- सार्वजनिक स्थलों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क का अनिवार्य होगा. उल्लंघन की दशा में निर्धारित अर्थदंड अधिरोपित किया जा सकेगा. निर्देश का पालन कराने के लिए तहसीलदार/नायब तहसीलदार/नगर निगम/थाना अधिकृत होंगे. अर्थदंड देने से इंकार करने पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी.
- दुर्ग जिला अंतर्गत सभी मॉल, जिम, सिनेमाघर, होटल, रेस्टोरेंट, ऑडिटोरियम, मैरिज हॉल एवं अन्य आयोजन स्थलों को आगामी आदेश तक एक तिहाई क्षमता के साथ संचालित किया जा सकेगा.
- दुर्ग रेलवे स्टेशन, अंतराज्यीय बस स्टैंड पर राज्य के बारह से आने वाले यात्रियों को पहुंचने पर 72 घंटे पूर्व का कोरोना टेस्ट आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखाना जरुरी होगा. वरना सैंपलिंग/ टेस्टिंग की जाएगी और रिपोर्ट आने पर संबंधित यात्रियों को खुद के खर्चे पर क्वारंटाइन रहना पडेगा.
- अगर किसी को सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में तकलीफ, स्वाद या गंध का महसूस नहीं होना, दस्त, उल्टी या शरीर में दर्द की शिकायत होने पर नजदीकी केन्द्र में कोरोना का टेस्ट कराना और जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक होम क्वारंटाइन रहना अनिवार्य होगा. रिपोर्ट पॉजिटिव होने और होम आइसोलेशन के लिए अनुमति मिलने पर शर्तों का कड़ाई से पालन करना पड़ेगा.
- किसी क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सघनता पाई जाती है तो उस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा. उस क्षेत्र के सभी व्यक्तियों को कंटेनमेंट जोन संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा.
- विदेश से आने वाले नागरिक आगमन की सूचना नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र, जिला कंट्रोल रूम और राजस्व अधिकारी को जरुर देंगे. इस संबंध में राज्य शासन, स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा.
- सभी विभाग सुनिश्चित करें कि आगामी आदेश तक अनावश्यक बैठक, आयोजन न करें. बहुत जरुरी होने पर सीमित संख्या में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए या वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित करें.
- सभी प्रतिष्ठान संचालक, कर्मचारी और ग्राहकों को कारोबार के दौरान मास्क का उपयोग करना लाजिमी रहेगा. सभी कारोबारियों को अपनी दुकान/संस्थान में बिक्री के लिए मास्क/ सैनेटाइजर रखना होगा ताकि बिना मास्क पहने खरीदारी करने के लिए आये ग्राहकों को मास्क का विक्रय/ वितरण किया सके. उल्लंघन किये जाने पर नगरीय निकाय के अधिकारी, पुलिस विभाग के सहयोग से चालानी कार्यवाही सुनिश्चित करें.
- निजी अस्पताल नियमित रूप से बिस्तर उपलब्धता की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर अपडेट करेंगे.
- दुर्ग जिला में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को ध्यान में रखते हुए निगरानी, जांच, निरीक्षण दल, भौतिक परीक्षण, क्वारंटाइन और इलाज से संबंधित अधिकारी/ कर्मचारियों को सहयोग देने या जानकारी देने से इंकार या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नहीं करने या आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 270 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेज एक्ट 1897 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दंड का भागी होगा.