Surguja Elephant Killed Man: सरगुजा में हाथियों से मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है. दल से अलग होकर अकेले घूम रहे दंतैल ने वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा अंतर्गत ग्राम झेराडीह में अपनी फसल की सिंचाई कर रहे एक ग्रामीण को पटक कर उसकी जान ले ली. बताया जा रहा है दंतैल हाथी लम्बे समय से दल से अलग होकर अकेले घूम रहा है. तीन महीने पूर्व दंतैल हाथी ने दो दिन के भीतर चार लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद रातो-रात जशपुर नगर की ओर चला था. 

तीन महीने तक इधर-उधर भटकने के बाद दो दिन पूर्व ही वह वनपरिक्षेत्र बगीचा, सीतापुर का भ्रमण करते हुए शंकरगढ़ जंगल में पहुंचा था. शुक्रवार को दंतैल वन परिक्षेत्र लुण्ड्रा अंतर्गत चितालाता जंगल में दिखा था. पूर्व में लगातार आतंक मचाने के कारण वनकर्मी अलर्ट थे तथा संभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को दंतैल के मौजूद होने की जानकारी देने के साथ ही सतर्कता बरतने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहे थे. ग्राम झेराडीह के ग्रामीणों को भी दंतैल के मौजूद होने की सूचना दी गई थी. देर शाम वनकर्मी भी गांव में ही मौजूद थे. 

ग्रामीणों ने मृतक को किया था आगाहशुक्रवार को देर शाम ग्राम झेराडीह निवासी केशव पैकरा अपने बेटे को साथ लेकर गेंहू की फसल की सिंचाई करने खेत की ओर जा रहा था. ग्रामीणों ने उसे जंगल में दंतैल के मौजूद होने का हवाला देकर रोका भी लेकिन केशव खेतों की ओर दंतैल के नहीं आने की बात कह चला गया. रात्रि लगभग 8.30 बजे गहरा अंधेरा होने पर दंतैल हाथी की आहट पाकर उसने टार्च जला दी, जिससे आक्रोशित दंतैल हाथी दौड़ते हुए उसके पास पहुंच गया. 

हाथी से बचने के लिए केशव ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन दंतैल ने उसे अपनी सूंड में जकड़ लिया और बार-बार पटकने के साथ ही उसके अंगों को अलग-अलग बिखेर दिया. पिता के साथ खेत की सिंचाई कर रहे बेटे ने मेड़ के किनारे लेटकर किसी तरह अपनी जान बचाई. सूचना पर पहुंचे वन अधिकारियों ने मृतक के परिजन को ढांढस बंधाया और सरपंच के समक्ष 25 हजार की तात्कालिक सहायता प्रदान की.

4 घरों में की तोड़फोड़दंतैल हाथी शुक्रवार को अंधेरा होते ही झेराडीह बस्ती में घुस गया था, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई. इस दौरान दतेल ने गांव के राम प्रसाद गुप्ता आननकू गुप्ता, वाम चितालाता निवासी केदोज बोडो पहाड़ी कोरवा व नान्हू आ. रामा कोरवा और कूदर निवासी जयराम आ फागु कोरवा के घर में तोड़फोड़ की. दर्तल ने बड़ी संख्या में किसानों के धान व मटर की फसल को क्षति पहुंचाई है.

दो दिन में ली थी पांच की जानअकेले घूम रहा दंतैल काफी आक्रामक है. तीन महीने पूर्व भी दंतैल हाथी इसी मार्ग से शंकरगढ़ पहुंचा था और दो दिन में अलग क्षेत्र के पांच लोगों की जान ले ली थी. दंतैल ने शंकरगढ़ में एक ग्रामीण को कुचल दिया था और रातों रात राजपुर जंगल पहुंच गया था. राजपुर में एक ग्रामीण को कुचलने के बाद दंतेल ने वन वप परिक्षेत्र लुण्ड्रा में दो ग्रामीणों को पटककर जान ले ली थी और रात में सीतापुर जंगल के रास्ते जशपुर को ओर चला गया था. वन परिक्षेत्र बगीचा में भी उसने एक ग्रामीण को कुचल दिया था. दंतैल काफी तेज गति से चलता है तथा कम समय में लम्बी दूरी तय कर लेता है. वह आबादी क्षेत्र में तोड़फोड़ मचाने के साथ ही मौका मिलते ही हमला कर देता है.

लोगों को किया जा रहा जागरूकलुण्ड्रा क्षेत्र के रेंजर आकांक्षा लकड़ा ने बताया कि दो दिनों से प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. मृतक के परिजन को 25 हजार की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई है.

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