छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग के नए आदेश को लेकर राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने विष्णुदेव साय सरकार पर आरएसएस का एजेंडा सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में थोपने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने इसे बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास बताया है. 

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विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 से लागू करने के लिए निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत स्कूल खुलने पर राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीप मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और महापुरुषों की जीवनी का वचन अनिवार्य होगा. मध्याह्न भोजन से पहले भोजन मंत्र का पाठ और स्कूल बंद होने पर राज्य गीत, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र का गान करना होगा. इसका उद्देश्य छात्रों के बौद्धिक विकास और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना बताया गया है.

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बच्चों पर आरएसएस का एजेंडा थोपा जा रहा- कांग्रेस

आदेश जारी होते ही कांग्रेस ने तीखा विरोध शुरू कर दिया. कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत ठीक है, लेकिन गायत्री मंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र और भोजन मंत्र जैसे धार्मिक अनुष्ठानों को अनिवार्य करना गलत है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार पूरे प्रदेश के स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिर बनाने की कोशिश कर रही है और आरएसएस का एजेंडा थोपना चाहती है. कांग्रेस ने इसे धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध बताया है.

संस्कृति और परंपराओं से बच्चों को रूबरू कराना मकसद- बीजेपी

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आधुनिक युग में बच्चे अपनी जड़ों को भूल रहे हैं. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि सरकार का मकसद बच्चों को भारत की प्राचीन संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं से जोड़ना है. उन्होंने कांग्रेस पर सांस्कृतिक विरासत से दूरी बनाने का आरोप लगाया.

विपक्षी दल का कहना है कि यह आदेश निजी स्कूलों पर भी लागू करने का प्रयास असंवैधानिक है, जबकि सत्ताधारी दल इसे सकारात्मक सांस्कृतिक शिक्षा का हिस्सा बता रहा है. शिक्षा विशेषज्ञों में भी इस मुद्दे पर अलग-अलग मत हैं. कुछ इसे मूल्यों की शिक्षा मान रहे हैं तो कुछ इसे एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं.

शिक्षा विभाग का कहना है कि आदेश का उद्देश्य छात्रों में अनुशासन, नैतिकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना विकसित करना है. फिलहाल विवाद के बीच सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं.

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