भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के लिए लक्ष्मी वर्मा को प्रत्याशी बनाया है. 55 वर्षीय लक्ष्मी वर्मा ने एमए की डिग्री हासिल की है और वर्तमान में वह छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं. इससे पहले वह बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं. महिला वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और वह लंबे समय से सक्रिय राजनीति में भूमिका निभाती रही हैं. संगठनात्मक अनुभव और महिला मतदाताओं के बीच प्रभाव को देखते हुए पार्टी ने इस बार राज्यसभा के लिए उन पर दांव लगाया है.

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रायपुर से जिला पंचायत की पूर्व अध्यक्ष के रूप में लक्ष्मी वर्मा ने स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. संगठन में उनकी सक्रियता और अनुभव को देखते हुए पार्टी ने इस बार उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है. साथ ही लक्ष्मी वर्मा कुर्मी समाज से आती हैं और महिला वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है.

केंद्र ने 7 नामों में सिर्फ लक्ष्मी वर्मा के नाम को लगाई मुहर

रिपोर्ट के अनुसार, राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर प्रदेश संगठन ने सात नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा था. गहन मंथन के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने लक्ष्मी वर्मा के नाम पर मुहर लगाई. पार्टी का मानना है कि उनका संगठनात्मक अनुभव और महिला मतदाताओं के बीच प्रभाव राज्यसभा में उपयोगी साबित होगा.

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16 मार्च को होगा मतदान

छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं, जिनमें से दो सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने नए चेहरे के रूप में लक्ष्मी वर्मा को मौका दिया है. राज्य में कुल 90 विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 31 वोटों की जरूरत होती है.

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च 2026 है. 9 मार्च को नामांकन वापस लिए जा सकेंगे. 16 मार्च को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी. पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी.