छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इस बार नवरात्रि पर एक गरबा पंडाल चर्चा का केंद्र बना हुआ है. यहां पूज्य सिंधी पंचायत (राजेंद्र नगर-अमलीदिह-महावीर नगर) ने 'लव जिहाद' थीम पर आधारित गरबा कार्यक्रम आयोजित किया है.
आयोजन समिति ने पंडाल में जागरूकता पोस्टर और पेपर कटिंग लगाए हैं, जिनमें महिलाओं और युवतियों को सतर्क रहने की अपील की गई है. इस पहल को लेकर समाज में बहस भी तेज हो गई है, क्योंकि इसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से संवेदनशील माना जा रहा है.
पोस्टरों में दिए गए संदेश
पूज्य सिंधी पंचायत ने अपने गरबा पंडाल में ऐसे संदेश लिखे हैं, जो महिलाओं को लव जिहाद जैसे मामलों से बचने की सलाह देते हैं. इन संदेशों का मकसद युवतियों को संभावित खतरों के प्रति सावधान करना बताया गया है. एएनआई के अनुसार, पोस्टरों पर लिखे संदेश कुछ इस प्रकार हैं, 'जो हिंदू लड़की लव जिहाद में फंस रही है वो सावधान हो जाओ', 'धर्म छुपा कर प्यार करने वाला मोहब्बत नहीं, धोखा देता है', 'मुस्लिम लड़के भाई बनकर राखी बंधवाते हैं, भरोसा जीतते हैं और फिर विश्वास तोड़कर शोषण करते हैं'.
इसके अलावा कई और चेतावनी संदेश भी लगाए गए हैं, जिनमें समाज में जागरूकता फैलाने का दावा किया गया है. इन पोस्टरों के साथ अखबारों में छपी खबरों की कटिंग भी पंडाल की दीवारों पर प्रदर्शित की गई हैं.
उद्देश्य और पंचायत की दलील
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इन पोस्टरों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को जागरूक करना है. उनका कहना है कि समाज में कई बार धोखे और छल के मामले सामने आते हैं, जिनसे बचाव के लिए समय पर सावधानी जरूरी है. पंचायत का दावा है कि ऐसे संदेश धार्मिक या राजनीतिक विरोध के लिए नहीं, बल्कि समाज को संभावित खतरों से आगाह करने के लिए लगाए गए हैं. साथ ही, नवरात्रि जैसे पवित्र अवसर पर युवतियों और परिवारों तक यह संदेश पहुंचाना ज्यादा असरदार माना गया है.
