JashpurNews: छत्तीसगढ़ के जशपुर में अंतिम संस्कार प्रक्रिया के दौरान अचानक नदी में तेज बाढ़ आने से अफरा-तफरी मच गई. जलस्तर बढ़ने से अंतिम संस्कार के समय जलती हुई चिता जलमग्न हो गई. इस दौरान अंतिम संस्कार में शामिल लोग बाढ़ से अपनी जान बचाकर वहां से भागते नजर आए. हालांकि कुछ देर में नदी में पानी कम हुआ तो चिता ने आग पकड़ी और शव का अंतिम संस्कार हुआ. बता दें कि मामला बगीचा नगर पंचायत क्षेत्र का है.
चिता में अग्नि देते ही नदी में बाढ़
दरअसल, नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 निवासी मुकेश उर्फ पिंटू कोरवा पिता दुर्जन साय की अचानक बीमारी के कारण मृत्यु हो .शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे कोरवा समाज के लोग मृतक पिंटू का शव अंतिम संस्कार के लिए उसे वार्ड नंबर 6 स्थित डोडकी नदी के किनारे लेकर आए थे. यहां मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान जैसे ही चिता में अग्नि दी गई. डोडकी नदी में बाढ़ आ गई. जिसके बाद मुखाग्नि देकर लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे.
पूर्वजों के समय से नदी किनारे शवदाह
नदी में बाढ़ की वजह से जलस्तर बढ़ गया. जिससे जलती हुई चिता पानी में डूब गई. हालांकि कुछ देर बाद नदी में पानी कम हुआ. जिसके बाद चिता ने आग पकड़ी और शव का अंतिम संस्कार हुआ. मृतक के परिजन विनोद कुमार और भाई महादेव साय ने बताया कि पूर्वजों के समय से उनके समाज के लोग नदी के किनारे शवदाह करते आ रहे है. जहां कोरवा समाज के लोग शवदाह करते हैं. वहां नगर पंचायत द्वारा किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई है.
मुक्तिधाम में जाने के लिए नहीं है पुल की व्यवस्था
संतोष ने बताया कि मुख्य मुक्तिधाम में जाने के लिए डोडकी नदी में बड़े पुल की व्यवस्था भी नहीं है. जिसके कारण बरसात के दिनों में नदी पार करना मुश्किल होता है. इधर नगर पंचायत के सीएमओ ने यहां पर जल्द पुल निर्माण की बात कही है.
सीएमओ ने क्या कहा?
इस मामले में सीएमओ निलेश केरकेट्टा ने बताया कि पिंटू कोरवा नाम के व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी. उसका नदी के पानी से लगे हुए जगह पर शवदाह किया गया, जबकि साइड में जगह था. उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में पुराने वक्त से ही मुक्तिधाम का निर्माण कराया गया है. वहां शवदाह करना उचित होगा. पुल निर्माण के लिए टेंडर कर दिया गया है. जल्द ही पुल का निर्माण किया जाएगा.
