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छत्तीसगढ़ के बीजापुर और दंतेवाड़ा जिले के सीमावर्ती इलाके पश्चिम बस्तर कमेटी में बुधवार (3 दिसंबर) को हुई एक भीषण पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि दो अन्य जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है. गुरुवार (4 दिसंबर) सुबह शहीद जवानों प्रधान आरक्षक मोहन बड़दी, आरक्षक रमेश सोढ़ी और आरक्षक दुकारु गोंडे के पार्थिव शरीर को बीजापुर के पुलिस लाइन लाया गया, जहां उन्हें नम आंखों से अंतिम सलामी दी गई. बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित पुलिस के आला अधिकारियों, शहीद जवानों के परिजनों और DRG के जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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18 माओवादियों के शव बरामद

बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों से पश्चिम बस्तर डिविजन इलाके में सीआरपीएफ, एसटीएफ कोबरा और डीआरजी की टीम संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही थी. बुधवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ रुक-रुक कर शाम तक चलती रही. बड़ी सफलता: घटनास्थल की सर्चिंग के दौरान जवानों ने अब तक 18 माओवादियों के शव बरामद किए हैं.

नक्सलियों की शिनाख्त जारी

मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान 8 लाख रुपये के ईनामी नक्सली और माओवादी संगठन में डीवीसी सदस्य वेल्ला मोडियाम के रूप में हुई है. अन्य नक्सलियों की शिनाख्ती जारी है. जवानों की यह मुठभेड़ नक्सलियों के PLGA बटालियन नंबर-2 के साथ हुई.

हथियार बरामद

घटनास्थल से लाइट मशीनगन, एसएलआर राइफल, 3 नॉट 3 राइफलें भी बरामद की गई हैं. आईजी ने दावा किया है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है. आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त फोर्स को मौके पर भेजा गया है. आईजी ने शाम तक मारे गए सभी नक्सलियों की शिनाख्ती कर लेने की बात कही है.

तीन जवानों को अंतिम सलामी

नक्सलियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए तीनों वीर जवानों को गुरुवार को पूरे सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई. यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसमें जवानों ने असाधारण शौर्य का प्रदर्शन करते हुए नक्सलियों को भारी नुकसान पहुँचाया है.